नई दिल्ली: संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में आज उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडेय ने सत्ता पक्ष के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले सांसद की इस टिप्पणी के बाद सदन की मर्यादा को लेकर सवाल उठने लगे और सत्ता पक्ष ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया।
क्या है पूरा मामला?
सदन की कार्यवाही के दौरान जब चर्चा चल रही थी, तभी बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय अपनी बात रखते हुए उत्तेजित हो गए। आरोप है कि उन्होंने सत्ता पक्ष के सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कुछ ऐसे अपशब्दों का प्रयोग किया जो संसदीय मर्यादा के बिल्कुल खिलाफ थे।
सांसद के मुख से ‘गंदी बात’ निकलते ही भाजपा और सहयोगी दलों के सांसदों ने अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध जताना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सदन में शोर-शराबा और हंगामा इतना बढ़ गया कि कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाना मुश्किल हो गया।
स्पीकर की सख्त चेतावनी
सदन में बढ़ते हंगामे को देख लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने सपा सांसद को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
“सदन की एक गरिमा होती है और सभी सदस्यों को मर्यादा में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए। अपशब्दों का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।”
स्पीकर ने सनातन पांडेय को भविष्य में अपनी शब्दावली पर नियंत्रण रखने और संसदीय आचरण का पालन करने की सख्त हिदायत दी।
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