रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने से पहले आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में किसानों से जुड़ी कई अहम नीतिगत फैसलों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने इस वर्ष भी खरीफ एवं रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसलों के उपार्जन को जारी रखने का निर्णय लिया है।
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पीएसएस के तहत होगा दलहन-तिलहन का समर्थन मूल्य पर उपार्जन
कैबिनेट ने स्पष्ट किया कि पूर्व वर्षों की तरह इस वर्ष भी ‘‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’’ यानी प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत दलहन और तिलहन की खरीद की जाएगी।
PSS के अंतर्गत—
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खरीफ मौसम में: अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन
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रबी मौसम में: चना, सरसों और मसूर
का उपार्जन समर्थन मूल्य (MSP) पर किया जाएगा।
किसानों को मिलेगा बेहतर दाम
सरकार का कहना है कि दलहन-तिलहन की खरीद प्रदेश की मंडियों में होने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है। समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी से लागत की सुरक्षा और आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित होती है।
धान खरीदी की तैयारी भी अंतिम चरण में
धान खरीदी शुरू होने से पहले हुई इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के अनुसार, सभी खरीदी केंद्रों की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और इस बार किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए, इसके लिए विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
किसान हित में बड़ा कदम
साय कैबिनेट का यह निर्णय प्रदेश के लाखों किसानों के हित में एक अहम कदम माना जा रहा है। दलहन-तिलहन की खरीदी से न सिर्फ उनकी आय सुरक्षित होगी बल्कि राज्य में कृषि बाजार को भी मजबूती मिलेगी।
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