दिल्लीवासियों के लिए एक नई तकनीकी पहल की तैयारी चल रही है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने फैसला किया है कि शहर की सभी संपत्तियों के यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन कोड (UPIC) को अब आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हाउस टैक्स का भुगतान अब सीधे आधार कार्ड के माध्यम से किया जा सकेगा, जिससे टैक्स पेमेंट और संपत्ति संबंधित जानकारी दोनों ही सरल और डिजिटल तरीके से उपलब्ध होगी।
इस साल शुरू होगा नया सिस्टम
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस साल के भीतर यह नया सिस्टम लागू किया जाएगा। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) से अनुमति मिलने के बाद दिल्ली सरकार ने इस कदम को आधिकारिक रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। जनवरी के दूसरे सप्ताह में MCD और दिल्ली सरकार के अधिकारियों की बैठक में इस लिंकिंग प्रक्रिया को लेकर अधिसूचना जारी करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
House Tax payers की संख्या बढ़ेगी
अधिकारियों के मुताबिक, नई प्रक्रिया लागू होने के बाद टैक्स देने वालों की संख्या में बड़ा इजाफा होने की संभावना है। वर्तमान में दिल्ली में लगभग 13 लाख हाउस टैक्स पेयर्स हैं। नई प्रणाली के तहत बिजली और अन्य स्रोतों से डेटा लेकर प्रॉपर्टी टैक्स देने वालों की संख्या बढ़कर 50 लाख से ज्यादा तक पहुंच सकती है।
आधार-प्रॉपर्टी ID लिंकिंग के फायदे
इस नए सिस्टम का लाभ दोनों प्रकार की संपत्तियों — रिहायशी और कमर्शियल — पर लागू होगा। लिंकिंग के बाद नागरिक निगम की वेबसाइट mcdonline.nic.in/portal पर जाकर अपने आधार नंबर के माध्यम से:
- अपनी प्रॉपर्टी डिटेल देख सकेंगे
- हाउस टैक्स जमा कर सकेंगे
- बकाया टैक्स की जानकारी हासिल कर सकेंगे
- संपत्ति खरीदने या बेचने पर ट्रांसफर डिटेल रिकॉर्ड अपडेट कर सकेंगे
इस पहल का मकसद न केवल टैक्स कलेक्शन को आसान बनाना है, बल्कि डिजिटल प्रशासन को भी मजबूत करना है। दिल्लीवासियों के लिए यह कदम हाउस टैक्स की पेमेंट प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज़ और सुविधाजनक बनाएगा।
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