दुर्ग, छत्तीसगढ़ | दुर्ग जिला पंचायत में ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने और बैठक से अनुपस्थित रहने पर धमधा जनपद पंचायत के 16 ग्राम पंचायत सचिवों का एक दिन का वेतन काटने का कड़ा आदेश जारी किया है।
समीक्षा बैठक में खुली पोल
जिला पंचायत सभा कक्ष में आयोजित इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ कर रहे थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद पंचायत धमधा के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों, मनरेगा, और अन्य ग्रामीण योजनाओं की प्रगति का जायजा लेना था।
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अनुपस्थिति पर एक्शन: समीक्षा के दौरान पाया गया कि 16 सचिव बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक से गायब थे। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सीईओ ने तत्काल प्रभाव से उनके एक दिन के वेतन कटौती का निर्देश दिया।
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दो सचिवों को शो-कॉज नोटिस: बैठक में कार्यों की बेहद खराब प्रगति पाए जाने पर दो अन्य पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
CEO की सख्त चेतावनी
बैठक के दौरान सीईओ ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास की योजनाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
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शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुँचना चाहिए।
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मुख्यालय से गायब रहने वाले और बैठकों में गंभीरता न दिखाने वाले कर्मचारियों पर निरंतर निगरानी रखी जाए।
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लक्ष्य के अनुरूप कार्य न करने वाले सचिवों की सूची तैयार कर उन पर विभागीय कार्रवाई की जाए।
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