रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट जीएसटी विभाग ने कैटरिंग कारोबार में हो रही बड़े पैमाने की टैक्स चोरी का भंडाफोड़ किया है। शादी-ब्याह और बड़े आयोजनों में लाखों-करोड़ों का काम होने के बावजूद रिटर्न में बेहद कम रकम दिखाने की शिकायत पर विभाग ने सोमवार को एक साथ रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ में बड़े कैटरर्स के ठिकानों पर छापेमारी की।
जांच के दौरान सामने आया कि कई कैटरर्स असल में प्रति प्लेट 1000 से 3000 रुपए तक वसूल रहे थे, लेकिन जीएसटी रिटर्न में सिर्फ 300 से 500 रुपए प्रति प्लेट का ही रिकॉर्ड दिखाया जा रहा था। अफसरों ने ग्राहकों की बुकिंग, भुगतान और कोटेशन से जुड़े दस्तावेज खंगाले। कुछ मामलों में अधिकारी ग्राहक बनकर कैटरिंग का कोटेशन लेने पहुंचे, जहां बताई गई कीमत और रिटर्न में दर्शाई गई रकम में भारी अंतर मिला।
रायपुर के चर्चित संस्कार कैटरर्स में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। रिकॉर्ड में एक दिन की शादी का कैटरिंग चार्ज 1.5 से 2 लाख रुपए बताया गया, जबकि वास्तविकता में दो दिन के आयोजन के लिए 30 से 35 लाख रुपए तक वसूले जा रहे थे। यानी रिकॉर्ड से करीब 15 गुना ज्यादा रकम ली जा रही थी। इस मामले में संचालक लोकेश अग्रवाल का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है।
इसके अलावा श्रीजी कैटर्स के संचालक का मोबाइल और डायरी भी सीज की गई है। रायपुर के रॉयल कैटरर्स, पालीवाल कैटरर्स, दुर्ग के जलाराम कैटरर्स, बिलासपुर के प्रतीक कैटरर्स और रायगढ़ के अजय कैटरर्स के यहां भी दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जीएसटी विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में टैक्स चोरी से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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