पारिवारिक विवाद बना जान देने की वजह
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस आत्मघाती कदम के पीछे पारिवारिक कलह को मुख्य कारण बताया जा रहा है। पार्षद के घर में सुबह से ही किसी बात को लेकर तनाव की स्थिति थी। बहस बढ़ने के बाद नेहा ने घर में रखा फिनायल पी लिया। उनकी हालत बिगड़ते देख घरवाले आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले गए। डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर इलाज मिलने की वजह से फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन अगले 24 घंटे उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा।
जैसे ही शहर की सत्ताधारी पार्टी की पार्षद द्वारा खुदकुशी की कोशिश की खबर फैली, जिला अस्पताल में भाजपा नेताओं और समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया। स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी पार्षद बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।
“हमें सूचना मिली है कि वार्ड 2 की पार्षद को जहर सेवन के बाद अस्पताल लाया गया है। मामला पूरी तरह पारिवारिक विवाद से जुड़ा लग रहा है। मरीज की स्थिति में सुधार होते ही उनके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।”
— स्थानीय पुलिस अधिकारी, कोतवाली थाना, रायगढ़
पार्षद नेहा देवांगन अपने क्षेत्र में सक्रिय नेता मानी जाती हैं। उनके अस्पताल में होने की खबर से वार्ड क्रमांक 2 के निवासी भी अस्पताल पहुँच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है। फिलहाल, अस्पताल की जहर का प्रभाव कम करने के लिए उपचार किया जा रहा है। पुलिस पार्षद के पति और अन्य परिजनों से पूछताछ कर विवाद की असली वजह जानने की कोशिश कर रही है।
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