37 योजनाओं पर होगा फोकस: कॉलेजों का बदलेगा स्वरूप
चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने विधानसभा को बताया कि सरकार इस वित्तीय वर्ष में कुल 37 महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही है। बजट का मुख्य हिस्सा कॉलेजों की अधोसंरचना (Infrastructure) सुधारने, नई लैब बनाने और पुस्तकालयों को डिजिटल करने पर खर्च होगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।
सदन में हुई चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने इसे ‘शिक्षा क्रांति’ की दिशा में बढ़ा कदम बताया। सरकार का दावा है कि इस बजट से न केवल नए भवनों का निर्माण होगा, बल्कि कैंपस प्लेसमेंट के जरिए विद्यार्थियों को नौकरी दिलाने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे।
“शिक्षा किसी भी राज्य के सामाजिक और बौद्धिक विकास की नींव है। हमारा लक्ष्य केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख बनाना है। 1306 करोड़ का यह प्रावधान छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।”
— टंकराम वर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़
इस भारी-भरकम बजट के पारित होने से रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के लाखों छात्र सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। आम नागरिकों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है:
- कैंपस में सुधार: प्रदेश के पुराने सरकारी कॉलेज भवनों का जीर्णोद्धार होगा।
- आधुनिक लैब: विज्ञान और तकनीकी छात्रों के लिए नई मशीनों और उपकरणों की खरीदी होगी।
- नई योजनाएं: छात्रवृत्ति और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ अब अधिक पारदर्शी तरीके से मिलेगा।
- रोजगार के अवसर: कॉलेजों में करियर काउंसलिंग सेल को मजबूत किया जाएगा।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सदस्यों ने खाली पड़े प्राध्यापकों (Professors) के पदों को भरने की मांग भी उठाई, जिस पर सरकार ने जल्द भर्ती प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन दिया है।
There is no ads to display, Please add some
