Contaminated Water , इंदौर। देशभर में स्वच्छता की मिसाल बन चुका इंदौर एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह गर्व की नहीं, बल्कि चिंता और आक्रोश की है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 111 से अधिक लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। हालांकि, प्रशासन ने फिलहाल केवल 3 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की है, जिस पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।
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भागीरथपुरा इलाके के रहवासियों के अनुसार, पिछले कई दिनों से नलों के पानी में बदबू और गंदगी की शिकायतें की जा रही थीं। इसके बावजूद समय रहते न तो पानी की सप्लाई रोकी गई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई। हालात ऐसे बने कि लोगों के घरों तक पहुंचने वाला पानी ही बीमारी और मौत का कारण बन गया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इलाके में टॉयलेट के नीचे से गुजर रही पानी की मेनलाइन में लीकेज हो गया था। इसी वजह से सीवेज का गंदा पानी पेयजल पाइपलाइन में मिल गया। दूषित पानी पीने से लोगों को उल्टी-दस्त, पेट दर्द और तेज बुखार की शिकायतें होने लगीं। कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि भागीरथपुरा की गलियों में लंबे समय से गंदगी और जलभराव की समस्या बनी हुई है। नालियों की सफाई नियमित नहीं होती और पाइपलाइन की हालत भी जर्जर है। लोगों का कहना है कि “यहां नालियों से नहीं, बल्कि नलों से मौत बह रही है।”
स्वास्थ्य विभाग की टीमें इलाके में कैंप लगाकर मरीजों की जांच कर रही हैं और पानी के सैंपल भी लिए गए हैं। नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्र में पानी की सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर टैंकरों से साफ पानी पहुंचाने की व्यवस्था की है। साथ ही, लीकेज की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है।
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