बरेली (उत्तर प्रदेश)। बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र की कैलाशपुरम कॉलोनी में 26 जनवरी को आईवीआरआई के संविदाकर्मी जितेंद्र यादव का शव घर के वेंटिलेटर से लटका मिला था, जिसे शुरुआत में आत्महत्या माना गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या (स्ट्रैंगुलेशन) की पुष्टि होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई;
पुलिस की गहन जांच में खुलासा हुआ कि 9 साल तक चले प्रेम संबंध के बाद 25 नवंबर 2025 को शादी करने वाली पत्नी ज्योति ने ऑनलाइन जुए में 20 हजार रुपये हारने और पैतृक संपत्ति को लेकर हुए विवाद के बाद पति जितेंद्र का गला घोंटकर कत्ल कर दिया और फिर अपने पिता कालीचरन व मां चमेली के साथ मिलकर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को मफलर के सहारे लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या लगे, लेकिन मौके पर शव की हालत, स्टूल पर टिके पैर, बाहर निकली जीभ और फॉरेंसिक जांच ने सच्चाई उजागर कर दी;
कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह भी सामने आया कि हत्या के तुरंत बाद ज्योति ने पुलिस या ससुराल वालों को नहीं बल्कि अपने मायके वालों को फोन किया था, जिससे शक और गहरा गया, सख्ती से पूछताछ में ज्योति ने जुर्म कबूल कर लिया;
पुलिस के मुताबिक शादी के बाद से ही ज्योति पति पर पैतृक संपत्ति बेचकर उसके नाम पर मकान और कार खरीदने का दबाव बना रही थी और मांग पूरी न होने पर दहेज केस में फंसाने की धमकी देती थी, एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पहले आत्महत्या के उकसावे में दर्ज एफआईआर को हत्या की धाराओं में बदला गया और 31 जनवरी को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
There is no ads to display, Please add some
