रियाद हमला: 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत, दूतावास में लगी आग
सोमवार को रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर को निशाना बनाकर दो संदिग्ध ईरानी ड्रोन दागे गए। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में दूतावास की छत और बाहरी हिस्से को नुकसान पहुँचा है। हालांकि दूतावास के भीतर आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन पिछले 48 घंटों में ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान अब तक 6 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान सैनिकों की शहादत पर दुख जताया लेकिन अपने रुख पर अडिग दिखे। उन्होंने कहा, “हम उन्हें (ईरान) काफी पीछे धकेल रहे हैं। हमारा मिशन शेड्यूल से काफी आगे चल रहा है। इसलिए जमीन पर बूट्स भेजने की शायद आवश्यकता नहीं होगी।”
“दुश्मन को जल्द ही पता चल जाएगा कि हमारा बदला कैसा होगा। हम उन्हें जबरदस्त चोट पहुँचा रहे हैं। मुझे पता है कि हमारा लक्ष्य क्या है और हम उसके बहुत करीब हैं।”
— डोनल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, संयुक्त राज्य अमेरिका
इस हमले के बाद रियाद, जेद्दा और धाहरान में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ (जहां हैं वहीं सुरक्षित रहें) का अलर्ट जारी किया गया है। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का सीधा असर वहां रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ सकता है। रियाद में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और अमेरिकी दूतावास जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। सऊदी अरब ने फिलहाल अपने हवाई क्षेत्र और सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए करने से मना कर दिया है, जिससे ट्रंप प्रशासन अब केवल हवाई हमलों और मिसाइल तकनीक पर निर्भर है।
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