World Organ Donation Day 2025: भारत में किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया और उससे जुड़े नियम अलग-अलग राज्यों में अलग है। यहां प्रति दस लाख जनसंख्या पर 151 से 232 के बीच किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले लोग हैं। किडनी ट्रांसप्लांट में जिंदा व्यक्ति की किडनी या मरने के बाद अंगदान के बाद किडनी मिलती हैं। किडनी डोनर और किडनी लेने वाले दोनों को खास देखभाल की जरूरत होती है। किडनी ट्रांसप्लांट का खर्च 5 लाख से शुरू होकर 20-25 लाख तक भी हो सकती है। इसमें हॉस्पिटल, डॉक्टर, मरीज की स्थिति और डोनर की कंडीशन पर खर्च निर्भर करता है। शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भुमेश त्यागी से जानते हैं किडनी ट्रांसप्लांट के बारे में पूरी जानकारी।

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भारत में किडनी ट्रांसप्लांट की लागत 5 लाख रुपये से लेकर 15-20 लाख तक हो सकती है। कुछ केस में ये कीमत ज्यादा भी हो सकती है। इस खर्च में सर्जरी, अस्पताल में रहने, इम्यूनोसप्रेशन, डॉक्टर की फीस, एनेस्थीसिया, लैब टेस्ट, दवाओं और फॉलो-अप विजिट के लगभग सभी मोटे-मोटे खर्च शामिल होते हैं।

किडनी ट्रांसप्लांट क्या है?

किडनी ट्रांसप्लांट यानि गुर्दा प्रत्यारोपण एक सर्जिकल प्रक्रिया है। जिसमें किसी जीवित या मरे हुए व्यक्ति की किडनी को जरूरतमंद के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाता है। जिन लोगों की किडनी खराब हो चुकी हैं और काम नहीं कर रही हैं उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है। किडनी ट्रांसप्लांट को डायलिसिस की तुलना में ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। डायलिसिस में आर्टिफिशियल तरीके से खून को फिल्टर किया जाता है। लेकिन ट्रांसप्लांट के बाद मरीज की किडनी वो काम खुद से करने लगती हैं। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मरीज का लाइफ काफी बेहतर हो जाती है। लंबे समय जीवित रहने, खाने में तरल पदार्थों के सेवन संबंधी प्रतिबंध कम हो सकते हैं।

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किडनी ट्रांसप्लांट में कितना खर्चा आता है?

किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत 5 लाख से शुरू हो जाती है। लेकिन ये कीमत अलग-अलग कंडीशन में अलग हो सकती है। जैसे डोनर के ऊपर काफी चीजें निर्भर करती हैं। मरीज की कैसी स्थिति है। किस तरह का ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। किस शहर में आपका ट्रांसप्लांट हो रहा है और किस हॉस्पिटल में आप किडनी ट्रांसप्लांट करा रहे हैं। आपको अस्पताल में कितने दिन भर्ती रहना पड़ रहा है। सर्जन की फीस, डाइग्नोसिस और टेस्ट क्या हो रहे हैं। अस्पताल में आप कैसी सुविधाएं ले रहे हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए आपका खर्चा बढ़ भी सकता है।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद डोनर कितने दिन जिंदा रहता है?

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद डोनर एक सामान्य जिंदगी जी सकता है। इससे उसकी सेहत पर कुछ खास असर नहीं पड़ता है। सर्जरी के बाद 2-3 दिन में किडनी डोनर को डिस्चार्ज कर दिया जाता है। हफ्तेभर तक डोनर की देखभाल की जरूरत होती है। कुछ ही दिनों में आपकी एक किडनी ही दोनों किडनी का काम करने लगती है। कई रिसर्च से पता चलता है कि किडनी दान करने से जीवित दानकर्ताओं की आयु कम नहीं होती। वहीं किडनी दान करने से भविष्य में किडनी फेल होने का खतरा भी नहीं बढ़ता। अगर किडनी फेल हो भी जाती है तो आप जीवित डोनर की लिस्ट में सबसे ऊपर आते हैं और आपको आसानी से किडनी मिल जाती है।


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