तिथि को लेकर भ्रम क्यों
पंचांगों के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण अष्टमी तिथि 9 फरवरी को प्रारंभ होकर 10 फरवरी को समाप्त होती है। इसी कारण असमंजस की स्थिति बनी है। अधिकांश सनातन परंपराओं में उदयातिथि को मान्यता दी जाती है। इस आधार पर जानकी जयंती 10 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।
जानकी जयंती 2026 का शुभ मुहूर्त
पंचांग मतों के अनुसार, पूजा के लिए प्रातःकाल से दोपहर तक का समय शुभ माना गया है। श्रद्धालु अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार सटीक मुहूर्त देखकर पूजा करें।
पूजा विधि
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- माता सीता और भगवान श्रीराम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- दीप प्रज्वलन कर पुष्प, अक्षत और फल अर्पित करें।
- सीता चालीसा या रामायण के बालकांड का पाठ करें।
- अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें।
श्रद्धालुओं में माहौल
देशभर के मंदिरों में इस दिन विशेष सजावट होती है। सुबह से ही मंदिरों में घंटियों की आवाज और भजन-कीर्तन का माहौल बनता है। कई स्थानों पर महिलाएं व्रत रखकर माता सीता से सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
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