Kadhi Pakoda Recipe— उत्तर भारत के घरों में ‘कढ़ी-चावल’ सिर्फ एक खाना नहीं, बल्कि एक भावना है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि घर पर कढ़ी वैसी नहीं बनती जैसी ढाबों पर या पुराने समय में बुजुर्ग बनाया करते थे। कभी पकौड़े सख्त हो जाते हैं, तो कभी कढ़ी फट जाती है। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं वह पारंपरिक रेसिपी और खास कुकिंग टिप्स, जिससे आपकी कढ़ी का स्वाद और बनावट बिल्कुल परफेक्ट आएगी।

Kadhi Pakoda Recipe: घर पर चाहिए दादी-नानी के हाथों वाला स्वाद? इन 5 टिप्स से बनाएं परफेक्ट कढ़ी पकौड़ा

Kadhi Pakoda Recipe

पकौड़ों को ‘नरम’ बनाने का असली सीक्रेट

कढ़ी की जान उसके पकौड़े होते हैं। अगर पकौड़े कड़े रह जाएं, तो पूरी डिश का मजा खराब हो जाता है। इसके लिए बेसन के घोल को कम से कम 5-7 मिनट तक एक ही दिशा में फेंटें। जब घोल हल्का होकर पानी पर तैरने लगे, तभी पकौड़े तलें। ध्यान रहे, पकौड़ों के घोल में थोड़ा सा दही या बेकिंग सोडा डालने से वे अंदर से जालीदार बनते हैं, जो बाद में कढ़ी के रस को अच्छी तरह सोख लेते हैं।

परफेक्ट टेक्सचर के लिए दही और बेसन का अनुपात

कढ़ी फटने का मुख्य कारण दही का तापमान और बेसन का गलत अनुपात होता है। एक आदर्श कढ़ी के लिए 1 कप खट्टे दही में 1/4 कप बेसन का अनुपात सबसे सही माना जाता है। घोल बनाते समय गांठें (lumps) बिल्कुल न रहने दें। कढ़ी को तब तक लगातार चलाएं जब तक कि उसमें पहला उबाल न आ जाए। उबाल आने के बाद ही इसमें नमक डालें, इससे दही फटने का डर खत्म हो जाता है।

एक्सपर्ट टिप: तड़के का जादू

“कढ़ी का असली स्वाद उसके ‘दुधिया’ उबाल और अंतिम तड़के में छिपा होता है। लोहे की कड़ाही में कढ़ी पकाना और अंत में राई, मेथी दाना, सूखी लाल मिर्च और हींग का तड़का लगाना इसे ढाबा स्टाइल खुशबू देता है।”
— शेफ अमित कुमार, रीजनल कुजीन एक्सपर्ट

स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी गाइड

  • घोल तैयार करें: खट्टे दही और बेसन को अच्छी तरह फेंट लें। इसमें हल्दी और पर्याप्त पानी मिलाएं।
  • धीमी आंच पर पकाएं: कढ़ी को जितना ज्यादा उबाला (काढ़ा) जाता है, स्वाद उतना ही गहरा होता है। इसे कम से कम 30-40 मिनट धीमी आंच पर पकने दें।
  • पकौड़े शामिल करें: जब कढ़ी गाढ़ी हो जाए, तब इसमें तले हुए पकौड़े डालें और 5 मिनट और पकाएं।
  • फाइनल तड़का: एक छोटे पैन में घी गरम करें, उसमें जीरा, मेथी, हींग और देगी मिर्च डालकर कढ़ी के ऊपर डालें और तुरंत ढक दें।

इस रेसिपी से बनी कढ़ी को गरमा-गरम बासमती चावल या घी लगी रोटी के साथ परोसें। यह न केवल आपके लंच को खास बनाएगी बल्कि घर के बड़ों को पुराने दिनों की याद दिला देगी।

 


There is no ads to display, Please add some
WhatsApp Facebook 0 Twitter 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version