चेन्नई/करूर (तमिलनाडु)। तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से राजनेता बने विजय की राजनीतिक रैली में हुई भीषण भगदड़ के बाद, उनके चेन्नई स्थित आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस हादसे में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से अधिक लोग घायल हैं। पुलिस ने विजय के घर की सुरक्षा बढ़ाने के पीछे आलोचनाओं और संभावित तनाव को मुख्य वजह बताया है।
सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, करूर में हुई त्रासदी के बाद तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख विजय आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं।
- बढ़ती आलोचना: विपक्षी दल DMK सहित कई संगठनों ने विजय और उनकी पार्टी पर रैली के दौरान भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) और सुरक्षा दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पुलिस का मानना है कि इस आलोचना और गुस्से के कारण अराजकता या विरोध प्रदर्शन की आशंका है।
- कानून-व्यवस्था बनाए रखना: पुलिस महानिदेशक (DGP) ने बताया कि रैली के लिए 10 हजार लोगों की अनुमति थी, लेकिन 27 हजार से अधिक लोग मौके पर जमा हो गए। विजय के कार्यक्रम में सात घंटे की देरी से पहुंचने और पानी-भोजन की उचित व्यवस्था न होने से भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ मची।
- संभावित विरोध: इस दुखद घटना के बाद, पीड़ित परिवारों और असंतुष्ट लोगों द्वारा विजय के आवास पर विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सके।
घटना पर जांच आयोग गठित
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। इसके साथ ही, त्रासदी के कारणों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक एकल-व्यक्ति आयोग का गठन किया गया है।
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