ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कत, एजेंसियों पर उमड़ी भीड़
मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में पिछले 24 घंटों से LPG ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। उपभोक्ता न तो व्हाट्सएप और न ही मोबाइल ऐप के जरिए सिलेंडर बुक कर पा रहे हैं। इस वजह से भोपाल के टीटी नगर और इंदौर के विजयनगर जैसे इलाकों में स्थित गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 5 बजे से ही लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सिस्टम में नए नियमों (25/45 दिन का अंतराल) को अपडेट किया जा रहा है, जिसकी वजह से सर्वर पर लोड बढ़ गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी केवल घरेलू उपभोक्ताओं पर लागू है ताकि रसोई तक गैस की पहुंच बनी रहे।
“हमने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे गैस वितरकों के साथ बैठक करें। राज्य में स्टॉक की कमी नहीं है, लेकिन पैनिक बुकिंग के कारण कृत्रिम किल्लत पैदा हो रही है। कालाबाजारी करने वालों पर रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी।”
— गोविंद सिंह राजपूत, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, मध्य प्रदेश
“मेरा पिछला सिलेंडर 15 दिन पहले आया था। ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है और एजेंसी वाले कह रहे हैं कि अब 25 दिन से पहले नया ऑर्डर नहीं लगेगा। घर में शादी है, अब समझ नहीं आ रहा कि खाना कैसे बनेगा।”
— रामेश्वर दयाल, स्थानीय निवासी, बैरागढ़
नए नियमों के बाद सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जिनकी खपत ज्यादा है। सरकार का तर्क है कि एक औसत परिवार को साल में 7 से 8 सिलेंडर की जरूरत होती है, ऐसे में 45 दिन का गैप तर्कसंगत है। हालांकि, व्यावसायिक उपयोग (होटल-रेस्टोरेंट) के लिए गैस की सप्लाई लगभग बंद कर दी गई है, जिससे खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की आशंका है।
- डिलीवरी कोड अनिवार्य: अब 90% उपभोक्ताओं के लिए डिलीवरी के समय DAC (Delivery Authentication Code) अनिवार्य कर दिया गया है।
- हॉस्पिटलों को प्राथमिकता: अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को बिना किसी रुकावट के गैस मिलती रहेगी।
- विकल्प तलाशें: प्रशासन ने मध्यम और बड़े व्यावसायिक संस्थानों को इंडक्शन कुकटॉप या अन्य वैकल्पिक ईंधन अपनाने की सलाह दी है।
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