Masjid Colony , दिल्ली/नोएडा। राजधानी दिल्ली से सटे इलाके में यूपी सरकार की कार्रवाई ने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया है। ओखला के आली गांव स्थित मस्जिद कॉलोनी में यूपी के सिंचाई विभाग ने करीब 300 मकानों को सील कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिल्ली में स्थित मकानों पर यूपी सरकार ने कार्रवाई क्यों की और बिना नोटिस सैकड़ों परिवारों को सड़क पर क्यों ला दिया गया?
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15 दिसंबर से सील है शबाना का घर
32 वर्षीय शबाना, जो ओखला के आली गांव में रहती हैं, उन सैकड़ों पीड़ितों में शामिल हैं जिनका मकान 15 दिसंबर से सील है। शबाना बताती हैं कि उनका घर मस्जिद कॉलोनी के उन 300 मकानों में से एक है, जिन पर अचानक ताला लगा दिया गया। उनका आरोप है कि घर सील करने से पहले किसी तरह का नोटिस नहीं दिया गया, न ही परिवार को अपना सामान निकालने का मौका मिला।
शबाना का दर्द छलक पड़ता है। वे कहती हैं,
“एक महीना होने वाला है। हम घर से बाहर पड़े हैं। मोदी जी कहते हैं बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ। हम तो सड़क पर हैं। बेटियों को कहां से पढ़ाएंगे? हमारे सिर से छत छीन ली। इससे अच्छा तो हमें फांसी दे देते।”
आधार-वोटर कार्ड होने के बावजूद बेदखली
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और उनके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली-पानी के कनेक्शन तक मौजूद हैं। इसके बावजूद उन्हें अवैध कब्जेदार बताकर मकान सील कर दिए गए। कई परिवारों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान घरों से सामान बाहर फेंक दिया गया, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।
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