उधारी के पैसों ने लिया खूनी मोड़
पुलिस के अनुसार, मृतक और आरोपी के बीच 3000 रुपये की उधारी को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। घटना वाले दिन दोनों के बीच इसी बात को लेकर तीखी बहस हुई। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने तैश में आकर अपने पास रखे चाकू से युवक के शरीर पर कई वार किए। हमला इतना घातक था कि युवक को संभलने का मौका नहीं मिला। पुलिस को शुरुआती जांच में कोई गवाह नहीं मिला था, जिसके कारण यह मामला ‘अंधी हत्या’ (Blind Murder) की श्रेणी में था।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिला सुराग
खरसिया पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। कॉल डिटेल्स और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है।
“परासकोल की घटना में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन हमारी टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की। 3000 रुपये की उधारी ही हत्या का मुख्य कारण निकलकर सामने आई है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।”
— थाना प्रभारी, खरसिया पुलिस स्टेशन, रायगढ़
इस खुलासे के बाद परासकोल और आसपास के गांवों में फैली दहशत कम हुई है। ग्रामीण इसे छोटी सी रकम के लिए की गई जघन्य वारदात मान रहे हैं। पुलिस ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है। खरसिया पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी विवाद को खुद सुलझाने के बजाय कानूनी रास्ता अपनाएं या ग्राम पंचायत और पुलिस की मदद लें। आगामी दिनों में पुलिस इस मामले में चालान पेश कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू करेगी ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
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