नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी से ‘पीएम किसान सम्मान निधि योजना’ की 20वीं किस्त 9,70,33,502 किसानों के खाते में ट्रांसफर किया। इसके तहत 20,84,34,000 रुपये  देशभर के किसानों के खाते में ट्रांसफर किए गए। इस धनराशि के जारी होने के साथ, इस योजना के तहत अब तक कुल 3.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की जा चुकी है। आपको बता दें कि पीएम-किसान योजना केंद्र सरकार की योजना है जिसे प्रधानमंत्री द्वारा फरवरी 2019 में भूमि-धारक किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए शुरू किया गया था। इस योजना के अंतर्गत, किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय लाभ हस्तांतरित किया जाता है।

किसानों का हित हमारे लिए सर्वोपरि: ​शिवराज सिंह चौहान 

पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त जारी होने के उपलक्ष्य में पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत सरकार के लिए किसानों के हित सर्वोपरि है। किसानों के हित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि किसानों को उनके फसल का सही मूल्य मिले, इसके लिए मार्केट के अनुसार, मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) तय करते हैं। किसानों को उनके फसल का सही मूल्य मिले, इसके लिए भारत सरकार एमएसपी पर अनाज खरीदती है। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उनकी बेहतरी के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। अभी तक ​वैज्ञानिक दिल्ली में बैठकर रिसर्च करते थे लेकिन अब वो गांव-गांव में जाकर रिसर्च करेंग।

प्रधानमंत्री का जोर किसानों के उत्पादन बढ़ाने पर है। नकली खाद, बीज पर सख्त कार्रवाई की गई है। हमने किसानों को मदद देने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड शुरू किया। इससे लाखों किसानों को फायदा मिला है। हमने फसल बीमा योजना शुरू की। इससे किसानों की फसल नुकसान की भरपाई भारत सरकार कर रही है। छोटे किसानों को जब 5000 से 6000 रुपये की जरूरत पड़ती थी तो उसे काफी तकलीफ होती थी। इसको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझा और पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की। इस योजना के तहत अब तक कुल 3.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की जा चुकी है। इसका बड़ा फायदा बिहार के किसानों को भी मिला है।

पीएम-किसान योजना का उद्देश्य

दो हेक्टेयर से कम जोत वाले 85 प्रतिशत से अधिक भारतीय किसानों के लिए पीएम-किसान एक जीवन रेखा रही है। यह धन बुवाई या फसल कटाई के समय काम आता है जब नकदी की कमी होती है। लेकिन यह सिर्फ पैसों की बात नहीं है। यह योजना किसानों को गरिमा की भावना देती है और दिखाती है कि वे राष्ट्र निर्माण में मूल्यवान भागीदार हैं। इस योजना की सफलता का एक बड़ा कारण भारत की मजबूत डिजिटल प्रणाली है। यह किसानों के ऐसे व्यय को पूरा करने के लिए साहूकारों के चंगुल में फंसने से भी बचाएगा और खेती से जुड़ी गतिविधियों में उनकी निरंतरता सुनिश्चित करेगा।

पीएम-किसान एआई चैटबॉट

वर्ष 2023 में, पीएम-किसान योजना के लिए एक एआई चैटबॉट लॉन्च किया गया, जो केंद्र सरकार की एक प्रमुख फ्लैगशिप योजना के साथ पहला एकीकृत एआई चैटबॉट बन गया। एआई चैटबॉट किसानों को उनके प्रश्नों के त्वरित, स्पष्ट और सटीक उत्तर प्रदान करता है। इसे एकस्टेप फाउंडेशन और भाषिनी के सहयोग से उन्नत और बेहतर बनाया गया है। पीएम-किसान शिकायत प्रबंधन प्रणाली में एआई चैटबॉट की शुरूआत का उद्देश्य किसानों के अनुकूल एक सुलभ मंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है। पिछले पांच वर्षों में पीएम-किसान योजना ने पूरे भारत में किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव किया है। जो पहल वित्तीय सहायता के रूप में शुरू हुई थी, वह अब ग्रामीण उत्थान के लिए एक शक्तिशाली साधन बन गई है। किसानों के बैंक खातों में सीधे धन भेजकर इस योजना से लाखों परिवारों को राहत और गरिमा दोनों मिली है। अपनी मजबूत डिजिटल संरचना के कारण, इस योजना से यह सुनिश्चित हुआ है कि धनराशि बिना किसी बिचौलिये के, सही लोगों तक समय पर पहुंचे। इसने न केवल विश्वास का निर्माण किया है बल्कि यह भी उदाहरण प्रस्तुत किया है कि सुशासन वास्तव में लोगों के लिए कैसे काम कर सकता है।


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