Raigarh Industry Accidents , रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिले में स्थित विभिन्न उद्योगों में लगातार हो रहे हादसों ने मजदूरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। औद्योगिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के भीतर जिले के अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों में हुए हादसों में 55 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 63 मजदूर गंभीर और सामान्य रूप से घायल हुए हैं।
Bilaspur Railway Update : नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते टाटानगर–बिलासपुर एक्सप्रेस 14 जनवरी तक रद्द
आंकड़ों के मुताबिक, यह हादसे जिले के कई बड़े और छोटे उद्योगों में दर्ज किए गए हैं। जिन औद्योगिक इकाइयों में दुर्घटनाएं हुई हैं, उनमें एनआर इस्पात, रायगढ़ इस्पात, एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड, एनआरवीएश स्पंज प्लांट, जिंदल स्टील एंड पावर प्लांट, सिंघल स्पंज प्लांट, बीएस स्पंज प्राइवेट लिमिटेड, नवदुर्गा फ्युल प्राइवेट लिमिटेड, शारदा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य कई प्लांट शामिल हैं।
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि अधिकांश हादसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुए। कई फैक्ट्रियों में मजदूरों को पर्याप्त सेफ्टी इक्विपमेंट नहीं दिए गए, वहीं मशीनों के रखरखाव और तकनीकी जांच में भी लापरवाही बरती गई। कुछ मामलों में सुरक्षा प्रशिक्षण के अभाव में मजदूरों से जोखिम भरा काम कराया गया, जिससे जानलेवा दुर्घटनाएं हुईं।
मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि उद्योग प्रबंधन उत्पादन बढ़ाने के दबाव में मजदूरों की जान को नजरअंदाज कर रहा है। रायगढ़ जिले में बढ़ते औद्योगिक हादसों ने यह साफ कर दिया है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो मजदूरों की सुरक्षा पर खतरा और बढ़ सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन और उद्योग प्रबंधन इन घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था को कितना मजबूत कर पाते हैं।
There is no ads to display, Please add some
