Raipur political debate : रायपुर, छत्तीसगढ़। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान के सामने से चौपाटी को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर मंगलवार देर रात से ही सियासी पारा चढ़ गया। बीजेपी विधायक राजेश मूणत और कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल के बीच इस मुद्दे पर जमकर तीखी बहस हुई, जिसके चलते क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।
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कांग्रेस का धरना और प्रशासनिक कार्रवाई
चौपाटी हटाने की खबर मिलते ही कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल अपने समर्थकों और चौपाटी दुकानदारों के साथ मौके पर पहुंच गए और रात भर धरने पर बैठे रहे। दुकानदारों का कहना था कि यह चौपाटी उनकी वर्षों से आजीविका का केंद्र रही है और बिना किसी समुचित पुनर्वास विकल्प के अचानक इसे हटाना अनुचित है।शनिवार सुबह स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पुलिस बल और नगर निगम का अमला जेसीबी, क्रेन और अन्य उपकरणों के साथ चौपाटी हटाने के लिए पहुंचा।
झड़प और हल्का बल प्रयोग
प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही कांग्रेस समर्थकों और दुकानदारों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया और नारेबाजी की।
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विरोध का आधार: दुकानदारों की मुख्य मांग थी कि प्रशासन पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना कार्रवाई न करे।
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बिगड़ती स्थिति: विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप लेने लगा, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।
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हिरासत: कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने अस्थायी रूप से हिरासत में भी लिया।
इस पूरे घटनाक्रम के चलते जीई रोड क्षेत्र में सुबह से ही ट्रैफिक धीमा रहा और रात भर से चला आ रहा विवाद तनावपूर्ण माहौल बनाए हुए है।
ट्रैफिक जाम और तनावपूर्ण माहौल
राजेश मूणत और सुबोध हरितवाल के बीच हुई गर्मागर्म बहस ने इस मुद्दे को और भी अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है। यह विवाद अब केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित न रहकर, स्थानीय राजनीति का केंद्र बन गया है, जहां एक ओर विधायक मूणत इस कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता हरितवाल इसे गरीब दुकानदारों के खिलाफ बताते हुए विरोध कर रहे हैं।
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