स्मार्टफोन की लत और स्क्रीन टाइम बिगाड़ रहा आंखों का स्वास्थ्य — डिजिटल युग में लगातार 8 से 10 घंटे स्क्रीन पर बिताने के कारण युवाओं और बच्चों में ‘कंप्यूटर विजन सिंड्रोम’ और ‘ड्राई आई’ के मामले तेजी से बढ़े हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह के पहले 30 मिनट हमारी आंखों की लंबी उम्र तय करते हैं। यदि दिन की शुरुआत सही आदतों के साथ हो, तो न केवल आंखों की थकान कम होती है, बल्कि रोशनी भी लंबे समय तक बरकरार रहती है।
स्मार्टफोन की लत और स्क्रीन टाइम बिगाड़ रहा आंखों का स्वास्थ्य, शहर के एक्सपर्ट्स ने दी सुबह की 4 जरूरी सलाह
आंखों के लिए नेचुरल टॉनिक है सुबह की ‘सॉफ्ट लाइट’
शहर के नेत्र विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह की हल्की धूप आंखों के लिए किसी औषधि से कम नहीं है। प्राकृतिक रोशनी न केवल विटामिन-D देती है, बल्कि हमारे शरीर की सर्कैडियन रिदम (बायोलॉजिकल क्लॉक) को भी नियंत्रित करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिनभर आर्टिफिशियल लाइट और नीली रोशनी (Blue Light) के बीच रहने वाली आंखों को सुबह की धूप गहरा आराम (Deep Relaxation) प्रदान करती है।
डिजिटल डिटॉक्स: जागते ही मोबाइल देखना खतरनाक
अक्सर लोग नींद खुलते ही सबसे पहले स्मार्टफोन चेक करते हैं। डॉक्टर्स ने चेतावनी दी है कि अंधेरे कमरे में अचानक तेज मोबाइल लाइट आंखों की पुतलियों पर अत्यधिक दबाव डालती है। सुबह उठने के कम से कम 20 से 30 मिनट तक स्क्रीन से दूरी बनाना अनिवार्य है। यह समय आंखों को प्राकृतिक रूप से एडजस्ट होने का मौका देता है, जिससे आंखों का तनाव (Eye Strain) कम होता है।
मांसपेशियों के लिए जरूरी है आई-एक्सरसाइज
जिस तरह शरीर को जिम की जरूरत होती है, उसी तरह आंखों की मांसपेशियों को भी कसरत की आवश्यकता है। सुबह के समय 5 मिनट की साधारण एक्सरसाइज जैसे— आंखों को धीरे-धीरे बंद करना और खोलना, पुतलियों को क्लॉकवाइज और एंटी-क्लॉकवाइज घुमाना, और दूर की वस्तु पर फोकस करना—आंखों की थकान मिटाने में कारगर साबित होता है।
न्यूट्रिशन: केवल गाजर ही काफी नहीं
आंखों की सेहत के लिए खान-पान में बदलाव जरूरी है। विशेषज्ञों ने नाश्ते में इन पोषक तत्वों को शामिल करने की सलाह दी है:
- विटामिन ए और सी: हरी पत्तेदार सब्जियां और खट्टे फल।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड: भीगे हुए बादाम, अखरोट और अलसी के बीज।
- प्रोटीन: दालें या अंडे जो आंखों के टिश्यू रिपेयर में मदद करते हैं।
एक्सपर्ट ओपिनियन
“आजकल लोग 20-20-20 रूल (हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर देखें) भूल रहे हैं। सुबह की आदतों में सुधार और सही पोषण ही भविष्य में मोतियाबिंद और कमज़ोर दृष्टि जैसे खतरों को टाल सकता है।”
— डॉ. ए.के. वर्मा, सीनियर कंसल्टेंट (ऑप्टोमेट्री)
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