तेहरान/नई दिल्ली। इज़राइल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग आज चौथे दिन (3 मार्च 2026) और भी खौफनाक मोड़ पर पहुँच गई है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक तौर पर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को बंद करने का एलान कर दिया है। ईरान ने दोटूक चेतावनी दी है कि इस रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज को “आग के हवाले” कर दिया जाएगा।
जंग का चौथा दिन: तेहरान से लेकर बहरीन तक कोहराम
28 फरवरी को शुरू हुई इस सैन्य कार्रवाई में अब तक ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई शीर्ष अधिकारियों के मारे जाने की खबरें हैं। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन में अमेरिकी एयरबेस और सऊदी अरब की तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले किए हैं। आज चौथे दिन ईरान ने ‘ऑयल कार्ड’ खेलते हुए होर्मुज जलसंधि पर पूरी तरह नियंत्रण का दावा किया है।
होर्मुज क्यों है ‘दुनिया की जीवनरेखा’?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ओमान और ईरान के बीच का एक संकरा समुद्री रास्ता है। इसकी अहमियत का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:
-
वैश्विक आपूर्ति: दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और 1/5 हिस्सा LNG इसी रास्ते से गुजरता है।
-
भारत पर असर: भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% से अधिक कच्चा तेल इसी मार्ग से आयात करता है।
-
शिपिंग जाम: फिलहाल 150 से अधिक टैंकर इस रास्ते के बाहर लंगर डाले खड़े हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन ठप होने की कगार पर है।
भारत के लिए ‘बड़ी चुनौती’
होर्मुज के बंद होने से भारत के लिए दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है। पहली, तेल की कीमतों में भारी उछाल जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम $100 प्रति बैरल के पार जा सकते हैं। दूसरी, खाड़ी देशों में फंसे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा। भारत सरकार ने पहले ही आपातकालीन हेल्पलाइन जारी कर दी है और खाड़ी देशों से भारतीयों को निकालने के लिए विशेष विमानों (Relief Flights) की तैयारी शुरू कर दी है।
IRGC की सीधी धमकी
IRGC के वरिष्ठ सलाहकार इब्राहिम जब्बारी ने सरकारी टीवी पर कहा:
“होर्मुज जलसंधि बंद है। यदि कोई भी यहाँ से गुजरने की कोशिश करेगा, तो हमारे नायक उन जहाजों को जलाकर राख कर देंगे। हम इस क्षेत्र से तेल का निर्यात नहीं होने देंगे।”
There is no ads to display, Please add some
