राधे श्याम पटेल 

मैनपुर (गंगा प्रकाश)। ब्लॉक मुख्यालय के आरईएस विभाग  इंजीनियर एसडीओ सबसे महत्वपूर्ण आंगनबाड़ी भवन निर्माण कराने को छोड़ मलाईदार कारगिल को प्राथमिकता देने को लेकर इन दिनों काफी चर्चा में है क्योंकि 2018  में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन वर्तमान में भी अपूर्ण है जिसके चलते छोटे छोटे बच्चो को खफरेल मकान या जर्जर घर पर  पढ़ने और गर्म भोजन करने  को मजबूर होते हैं जिसकी सुध लेते एक्टिव कलेक्टर प्रभात मलिक ने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगा चुके हैं बावजूद इसके इंजीनियर एसडीओ के कार्यप्रणाली में कोई सुधार देखने को नहीं मिला जानकारों की माने तो बीते 2018 से लेकर 2022 तक के क़रीब 15 से 20 आंगनबाड़ी भवन अपूर्ण है कहीं चौखट लेवल तक कार्य हुआ है तो कहीं लेंटर लेबल कर छोड़ दिया गया है कभी कबार फटकार के बाद निर्माण एजेंसी आजकल में काम शुरू करने के लिए आश्वस्त करते हैं लेकिन वह सिर्फ आश्वासन बनकर रह जाता है क्योंकि धरातल मैं काम बिल्कुल भी शुरू नहीं हो पाता जिसके लिए ज्यादातर विभागीय इंजीनियर और एसडीओ को जिम्मेदार माना जाता है क्योंकि यह अधिकारी धरातल मैं नदारद होकर कार्यालय में बैठे-बैठे आंगनबाड़ी भवन पूर्ण कराने की खानापूर्ति पहल करते हैं शायद यही वजह है कि आंगनवाड़ी भवन निर्माण कछुए की चाल पर हो रहा है जिसका सीधा सीधा खामियाजा गांव गांव की छोटे-छोटे बच्चों को उठाना पड़ता है किराए के छोटे-छोटे कच्चे मकान पर आंगनबाड़ी भवन संचालित होता है जहां ना ठीक से पढ़ाई हो पाती है और ना एक साथ बैठकर भोजन किया जा सकता है और ऐसे तमाम परेशानियों को लेकर इंजीनियर एसडीओ सहित पुरा प्रशासनिक अमला भली-भांति अगर है किसी भी समय सीमा के भीतर ऐसे आंगनबाड़ी भवन को पूर्ण कराने की पहल नहीं हो पाता 

बरसात में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित करना चुनौती 

 बरसात के दिनों आंगनबाड़ी केंद्र का संचालित करना सहायिकाओ के लिए से बड़ा चुनौती होता है क्योंकि अक्सर पानी टपकने वाले कच्चे मकान पर केंद्र संचालित किया जाता है और अच्छी खासी बरसात होने के दौरान बच्चों को छोड़ भी दिया जाता है ताकि किसी प्रकार अप्रिय घटना से बचा जा सके यही कारण है कि ग्रामीणों के साथ-साथ संबंधित विभाग भी जल्द से जल्द आंगनबाड़ी भवन को पूर्ण कराने के लिए पत्राचार का मार्ग अपनाते हैं लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते वह पत्राचार कागज की टोकरी पर होता है

इन कार्यों को इंजीनियर एसडीओ की प्राथमिकता 

 इंजीनियर एसडीओ ज्यादातर मलाईदार काम को प्राथमिकता देते हैं जिसमें पुल पुलिया चेक डैम सहित सड़क कार्यों पर ज्यादा रूचि दिखाते हैं क्योंकि इन कार्यों में अधिकारी कर्मचारियों को चढ़ावा चढ़ाने के बाद भी सामने आती है तभी अधिकारी आंख मूंदकर ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देते हैं ऐसे में शायद यही कारण है की सबसे महत्वपूर्ण आंगनबाड़ी भवन वर्षों से अपनी बदहाल स्थिति पर आंसू बहा रहा है।


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