मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में केवल 11 मत मिले इसलिए ध्वस्त हो गया प्रस्ताव।उपाध्यक्ष बोले बरगलाया गया था सदस्यों को सच्चाई की हुई हैं जीत।

प्रकाश कुमार यादव 

गरियाबंद(गंगा प्रकाश):-देवभोग जनपद में चल रहें सियासी ड्रामे का भी आज अंत हो गया।16 जनवरी को भाजपा समर्थित जनपद अध्यक्ष नेहा सिंघल के नेतृत्व में 15 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर कर जनपद उपाध्यक्ष सुखचन्द बेसरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था,आज इस पर विधिवत एसडीएम अर्पिता पाठक ने मतदान कराया,कुल 18 जनपद सदस्यों में से एक अनुपस्थित रहा। प्रस्ताव के पक्ष में केवल 11 मत मिले जबकि पारित होने 13 मतों की जरूरत थी,अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ 6 मत मिले और इस तरह से कांग्रेस समर्थित सुखचन्द बेसरा विश्वास कायम रखने में सफल हो गए।प्रकिया खत्म होने के बाद जनपद अध्यक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया या दूसरे शब्दों में कहें तो वो आज निरुत्तर नजर आई,जबकि बेसरा ने कहा कि जनपद में करप्शन अध्यक्ष के इशारे पर चल रहे थे, विरोध करने के कारण मेरे खिलाफ सदस्यों को बरगला कर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था,प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सभी सदस्यों का सहयोग मिला जिसके कारण अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हो गया।

एससी आयोग में करेंगे शिकायत

 जीत दर्ज करने के बाद उपाध्यक्ष ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि मै एससी वर्ग से आता हूं,उच्च वर्ग से आने वाली अध्यक्ष को मेरा ओहदा खटकता है,मूझे न तो बैठक बुलाने का अधिकार है न ड्राइंग पावर,लाये गए प्रस्ताव में कार्य से असंतोष का झूठा आरोप लगाया गया था,मूझे   नीचा दिखाने व मानसिक प्रताड़ना करने यह कृत्य किया गया है,इसके दोषी के खिलाफ आयोग का दरवाजा खटखटाऊंगा।

दूसरी बार मात खानी पड़ी अध्यक्ष को

 यंहा पर बताना लाजमी होना की  शासन की राशि की लूट मार मचाने बाली भाजपा नेत्री नेहा सिंघल को वो हर सख्स खटकता हैं जो उनके पति को करोड़ पति बनाने के बीच रोड़ा बनता हैं बता दे कि जनपद अध्यक्ष अपने पहले कार्यकाल में भी उस समय उपाध्यक्ष रहे जनपद उपाध्यक्ष देशबंधु नेताम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था जो ध्वस्त हो गया था।इस बार भी इतिहास दोहराया गया तो परिणाम भी रिपीट हुआ।इस बार भी नेहा सिंघल के पति को करोड़ पति बनाने के बीच बने सबसे बड़े रोड़ा सुखचंद बेसरा को अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त कराने 5 सदस्य की जरूरत थी पर बेसरा अपने समेत 4 सदस्यों के साथ शैर पर निकल गए थे,बेसरा के एक समर्थक को विरोधी खेमे ने मतदान से दूर कर दिया, पर बेसरा के रणनीति कारो ने उनके खेमे में मौजूद दो ऐसे सदस्य जो बेसरा के वर्ग व स्थानीय समीकरण में फिट बैठते थे उन्हें साधने सफल हो गए।और इस तरह से 6 मत पा लिया।विरोधी खेमे के लोग अंतिम समय तक भी बेसरा समर्थकों को कॉल कर बरगलाने की कोशिश करते दिखे।

देवभोग जनपद में 3 साल के कार्यकाल में हुआ डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की बंदरबांट

बताते चले कि 16 जनवरी को जनपद उपाध्यक्ष सुखचन्द बेसरा ने 7 बिंदुओं में आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाकर मामले की शिकायत कलेक्टर प्रभात मलिक को किया था,मलिक ने दो दिन के भीतर जिला पंचायत के 5 सदस्ययी कमेटी का गठन का जांच के निर्देश दिए थे।पँचायत के सहायक संचालक पद्मनी हरदेल व 4 अन्य अफ़सरो की टीम ने जनपद का रिकार्ड जप्त कर  बारीकी से जांच किया।स्लिंप्त अफसर बाबू व जनपद अध्यक्ष समेत 20 से ज्यादा सरपँच सचिव के बयान व रिकार्ड की जांच के बाद जिस नतीजे तक पहूचे वह बेहद चौकाने वाले थे। दल ने सोमवार को कलेक्क्तर के समक्ष 16 पन्ने का रिपोर्ट सौपा है,जिसमे पँचायत के विभिन्न मदो से डेढ़ करोड़ से भी ज्यादा ऐसे खर्च का होना पाया जो नियम विपरीत व नियम विरुद्ध था,साथ ही जनपद अध्यक्ष के द्वारा पद के प्रभाव से पति के फर्म को सेनेटाइजर, सोलर लाइट की लाखों रुपये की बिक्री पंचायतो में कराना पाया गया है।दल ने अपनी रिपोर्ट में सीईओ,लिपिक,इंजीनियर पर वसूली व निलंबन की कार्यवाही कि अनुशंसा किया है,जबकि जनपद अध्यक्ष के खिलाफ धारा 40 के तहत कार्यवाही किये जा सकने का जिक्र किया है। मामले कलेक्टर प्रभात मलिक ने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हुआ है,अवलोकन के पश्चात जल्द ही वैधानिक कार्यवाही कि जाएगी।

खर्च देख कर जांच दल हैरान,बनिये की दुकान के माफिक फूंके गए करोड़ो रुपये

जांच रिपोर्ट के मुताबिक जनपद विकास निधि व स्टाम्प शुल्क के रुपये खर्च के लिए रिपा में महिला सम्मेलन, 2अक्टूबर को सभा व मातृका  सम्मेलन का जिक्र कर लगभग 6 लाख खर्च किया गया,जबकि ये सम्मेलन हुए ही नही। सीईओ आवास के लिए 2 लाख का फर्नीचर,10 लाख का डीजल,कोरोना काल मे 8 लाख का सेनेटाइजर,28 लाख की अन्य व्यय जैसे लगभग 50 लाख का ऐसे खर्च पाया गया जो वास्तविक में हुए नही, नियम ताक में रखकर पैसे पानी की तरह फुके गए,अफसर के नाम पर 30 लाख से ज्यादा अग्रिम उठाव दिखाया गया,महंगे लेपटॉप खरीदी का भी जिक्र सरकारी ब्यय में हुआ।इन खर्चों को देख कर जांच दल भी हैरान था, दल के एक अफसर ने यह तक कह दिया कि यंहा खर्च के तरीके ने इस सरकारी संस्थान को बनिया का दुकान बना दिया है।

व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण से लेकर आबंटन में पाई गड़बड़ी

जनपद निधि से साल भर पहले लाखो रुपये खर्च कर बनाये गए व्यवसायिक कॉम्लेक्स के निर्माण से लेकर आबंटन में भारी गड़बड़ी पाया गया,रिपोर्ट के मूताबिक निर्माण के फाइल में फोटो गायब है,सत्यापन करने वाले का दस्तखत तक नही,यंहा तक एजेंसी किसे बनाया गया है उसका जिक्र भी नही और रुपये जारी किए गए,पुराने बाउंड्री वाल के दीवारों का उपयोग कॉम्प्लेक्स में हुआ पर,उसका भी मूल्यांकन किया गया।आबंटन में अफसर के बेटी व जनपद के महिला बाबू को नियम विरुद्ध देना पाया गया,इतना ही नही जनपद समिति द्वारा धौंस देकर  हितग्राहियों से लिये गए लाखो पगड़ी राशि को भी नियम विरूद्ध बताया गया।नियमत निर्माण के बाद पँचायत को संचालन करना था पर जनपद बॉडी के हठ धर्मिता से यह संचालन हो रहा है।तय किये गए मनमानी किराया नही पटा पाने से कई हितग्राही कॉम्लेक्स छोड़ चुके है।जांच दल ने आबंटन रद्द कर पगड़ी की रकम वापसी की अनुशंसा किया है।

धारा 40 का भी जिक्र

उपाध्यक्ष सुखचन्द बेसरा ने शिकायत बिंदु क्रमांक 6 व 7 में जनपद अध्यक्ष नेहासिंघल पर पद का दुरुपयोग कर पति के फर्म को लाभ पहूचाने का आरोप लगया था,जिसकी जांच में दल ने पाया कि पति के फर्म से कई पंचायतो में सोलर लाईट, सेनेटाइजर की बिक्री की गई है।यंहा तक जनपद निधि से कराए गए कई कार्यो में भी पति का फर्म को भुगतान किया गया है।जिसका जिक्र करते हुए जांच दल ने अध्यक्ष पर धारा 40 के तहत कार्यवाही करने की अनुशंसा किया है।

कांग्रेसियो ने किया आतिशबाजी

 अविश्वास प्रस्ताव को सफल बनाने कांग्रेस आला कमान ने विस प्रभारी अंबिका मरकाम व आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष जनक ध्रुव को प्रभारी नियुक्त किया था,हालांकि राष्ट्रीय अधिवेशन में  व्यस्तता के चलते यंहा मौजूद नहीं  हो सके थे,मतदान स्थल पर जीप उपाध्यक्ष संजय नेताम,धनसिंह मरकाम,राजेश तिवारी,घनश्याम प्रधान, उमेश डोंगरे,राजकुमार प्रधान,नविन सेन,तरुण नागेश,महेश्वर बघेल,जय कुमार यदु,जागेश्वर पांडे,गूँजेश कपिल,राजेन्द्र ठाकुर, डबल सिंह पार्टी,घनश्याम साहू,दौलत साहू,टीकम सोनवानी  समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे,अविश्वास प्रस्ताव ध्वत होते ही जम कर आतिशबाजी किया,माला व गुलाल लगाकर रैली भी निकाले।


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