सूरजपुर (गंगा प्रकाश)। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत हो रहे डबरी  कार्ययो में  सरपंच सचिव रोजगार सहायक तकनीक सहायक सहित जनपद के संबंधित अधिकारीयों की मिलीभगत से  कागजों में लिपा पोती कर  राशि का बंदरबांट किया जा रहा हैं रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत ऐसे  पंजीकृत मजदूर है जो जनपद पंचायत में मांग पत्र के आधार पर काम की मांग कर  उनके द्वारा 15 दिवस के अन्दर ग्राम पंचायत में काम सुनिश्चित करनी होती है परन्तु मजदूरों को पुरी तरह जानकारी नहीं होने के आभाव में रोजगार सहायक तकनीक सहायक के मिलीभगत से सरकार के योजनाओं को लीपापोती करने में लगे हुए हैं सरकार आम जनता  जनहित कार्यो  के लिए रुपए पानी की तरह बहा रही है वहीं पंचायत में बैठे जिम्मेदार सरपंच सचिव लोगों का हक मारकर भ्रष्टाचार कर रुपए डकार ले रहे  हैं इसी तरह का एक मामला ग्राम पंचायत परशुरामपुर का है जो एक ही तालाब तीन बार गहरी करण के नाम पर लाखों रुपए खर्च हो गए पर जमीनी हकीकत कुछ और बयां करती है वहीं लोगों का कहना है कि इस तालाब में सही तरीके से कार्य किया गया होता तो यह तालाब संगमरमर के जैसे आज दिखाई देता अब यह साफ पता चलता है कि किस तरह से सरकार के योजनाओं को धुंधली की जा रही

बिना काम किए होते हैं मजदूरी भुगतान

मनरेगा से निर्मित अमृत सरोवर योजना के तहत मोनो लगा कर जनपद पंचायत रामानुजनगर में मनरेगा सो रहे लगभग छः से सात लाख रुपए की लागत से तालाब गहरी करण किया गया जिसमें  कितना कार्य किया गया वह तालाब के मेढ जो मिट्टी है उसे पता चलता है गहरी करण कितना किया गया मेढ के निचे सीढ़ी नुमा बना कर कागजों में पुरा कर दिया जाता है जिससे पुरी तालाब की गहराई को मापक यंत्री दर्शाया पूरे तालाब की गहराई का मुल्याकन किया जाता है जबकि तालाब के परत जमी हुई रहती है उसे ही उखाड़ कर लेप चिपका दिया गया है 

बिना काम किए चहेते लोगों का बनता है हाजरी

घर बैठे करते हैं सेटिंग मजदूरों को घर बुला कर खिला पिला कर  वकायदा उनके नाम से मास्टर रोल  भेज दिया जाता है सुचना  अनुसार अपने निजी घर में भी मनरेगा के मजदूरों से काम लिया जाता है और कोई सीकायत न हो इसके लिए गांव के कुछ बोल बाले लोगों का हाजरी भी चढ़ा दिया जाता है ताकि बोलने का  मौका किसी को ना मिल पाए इस वजह से रोजगार सहायक अपनी मनमानी तरीके से पंचायतों को कमाई का जरिया बना रखे  है यह खेल जनपद के लगभग हर पंचायतो में देखने को मिलेगा परंतु कुछ रोजगार सहायक तकनीक सहायक के काफी नजदीकी रिश्तेदार निभाने वाले उनका तो अलग बोल बाला रहे गा ऐसे कई पंचायत में देखने को मिला जहां पर पंचायत में रोजगार सहायक तकनीक सहायक के मिलीभगत से लाखों रुपयों का वारा न्यारा किया जाता है और सिकायत के वावजूद भी संबधित अधिकारी कान में रुई डाल कर बैठे हुए है ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो शासन की योजनाओं को दीमक की तरह खोखला कर देंगे जिससे केंद्र एवं राज्य शासन के प्रति लोगों मे अविश्वास उत्पन्न होगा इन भ्रष्ट अधिकारी और उनके सिपहसालार ऊपर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है तभी जाकर शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच पाएगा

इस पर पूर्व अनुसूचित जनजाति मोर्चा भाजपा मंडल अध्यक्ष रामानुजनगर रामचंद्र सिंह का कहना है कि उक्त तालाब में काफी भ्रष्टाचार किया गया और शासन के महत्वाकांक्षी योजना के लिए आए पैसों का खुलेआम बंदरबांट और दुरुपयोग किया गया है जिसका जांच कर दोषियों पर कार्यवाही किया जाना चाहिए


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