विकास कुमार ध्रुव

छुरा(गंगा प्रकाश) :– विश्‍वकर्मा जयंती हर साल 17 सितंबर को मनाई जाती है और इस दिन पौराणिक काल के इंजीनियर माने जाने वाले भगवान विश्‍वकर्मा की पूजा की जाती है। इस अवसर पर सभी कामगार वर्ग के लोग,कुशल,कारीगर और फैक्ट्रियों के मजदूर विश्‍वकर्माजी की पूजा करते हैं। इस अवसर सभी कारखानों में मशीनी उपकरणों की पूजा की जाती है और हवन किया जाता है। ऐसी मान्‍यता है कि इस दिन पूजा करने से कारोबार में वृद्धि होती है। कलयुग में भगवान विश्‍वकर्मा की पूजा सभी के लिए जरूरी मानी गई है।इस वर्ष भगवान विश्‍वकर्मा की पूजा जिस दिन है, उसी दिन यानी कि 17 सितंबर को ही सूर्य कन्‍या राशि में प्रवेश कर रहे हैं। यानी कि विश्‍वकर्मा पूजा के साथ कन्‍या संक्राति भी मनाई जाएगी। इसी के साथ इस दिन रवि योग भी बन रहा है। इन शुभ के बीच की गई विश्‍वकर्मा पूजा को परमफलदायी माना जा रहा है।बताना लाजमी होगा कि छुरा नगर मे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वाहन चालक संघ व राजमिस्त्री संघ द्वारा धूमधाम से विश्वकर्मा जयंती मनाया जा रहा हैं हालांकि पिछले दो वर्ष करोना काल के चलते संघ द्वारा विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मना नही पाया था लेकिन इस वर्ष विश्वकर्मा जयंती को लेकर आदर्श वाहन चालक संघ व विश्वकर्मा राजमिस्त्री संघ द्वारा विश्वकर्मा जयंती को लेकर व्यापक तैयारी कि जा रही है! छुरा नगर के नया बस स्टैंड मे आदर्श वाहन चालक संघ द्वारा शनिवार को सुबह 10 बजे विधिविधान के साथ भगवान विश्वकर्मा कि मूर्ति स्थापना कर पूजा अर्चना कि जायेगी आदर्श वाहन चालक संघ के अध्यक्ष रामानंद साहू ने बताया कि इस साल भगवान विश्वकर्मा जयंती को लेकर संघ द्वारा व्यापक तैयारी कि गई है संघ के द्वारा दीप प्रज्वलित एवं प्राण प्रतिष्ठा सुबह 10 बजे नया बस स्टैंड मे भगवान विश्वकर्मा कि मूर्ति कि स्थापना कर विशेष पूजा अर्चना कि जायेगी! कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप मे महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुन्नीलाल साहू,अध्यक्षता राजेश साहू जिलाध्यक्ष भाजपा जिला गरियाबंद, वही विशेष अतिथि के रूप मे राहुल सेन कोषाध्यक्ष भाजपा जिला गरियाबंद,चंद्रशेखर साहू जिला पंचायत सदस्य जिला गरियाबंद, ओंकार शाह सर्वराकार ग्राम समिति छुरा, नथमल शर्मा वरिष्ठ नागरिक छुरा, खोमन चंद्राकर अध्यक्ष नगर पंचायत छुरा, रिंकू सचदेव उपाध्यक्ष नगर पंचायत छुरा, रामानंद साहू अध्यक्ष आदर्श वाहन चालक संघ छुरा, ऋतुराज शाह सभापति नगर पंचायत छुरा, थानसिंग निषाद सभापति नगर पंचायत छुरा, भोलेशंकर जायसवाल सभापति नगर पंचायत छुरा, चित्ररेखा ध्रुव सभापति नगर पंचायत छुरा, चिरंजीव देवांगन प्रभारी राजीम भाजपा मंडल, थानसिंग निषाद समाज सेवी छुरा के विशेष आतिथ्य मे सम्पन्न होंगी पूजा कार्यक्रम के बाद संघ के द्वारा प्रशाद वितरण किया जाएगा दोपहर मे रामायण मंडली द्वारा रामायण पाठ किया जायेगा वही रात मे छत्तीसगढ़ी लोककला मंच माँ धरती मनमोहनी सराईपाली बसना ओड़िसा का आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है! वही नगर के विश्वकर्मा राजमिस्त्री संघ छुरा द्वारा रात मे नगर के मिनी स्टेडियम मे जसगीत गायक दुकालू यादव का कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है।

दुनिया के पहले वास्‍तुकार भगवान विश्‍वकर्मा

सनातन (हिन्दू) धर्म के पौराणिक कथाओं कि मान्यताओ के अनुसार सृष्टि के आरम्भ के रचना के समय भगवान विष्णु क्षीर सागर में प्रकट हुए, विष्णु जी नाभि से ब्रह्मा जी प्रकट हुए थे और फिर ब्रह्मा जी पुत्र धर्म हुए जिनके साथ पुत्र हुए, जिनमे सातवे पुत्र का नाम वास्तु रखा गया था जो की शिल्प कला से परिपूर्ण थे जिनके विवाह के पश्चात एक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी जिनका नाम “विश्वकर्मा” रखा गया जो की अपने पिता से भी अद्वितीय शिल्प कला में निपुण थे जिस कारण से विश्वकर्मा जी को देवताओ का शिल्पकार देवता माना गया है।भगवान विश्‍वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर और वास्‍तुकार भी माना जाता है और उन्‍होंने कई पौराणिक इमारतों की रचना की थी। भगवान विश्‍वकर्मा ने ही इंद्रपुरी, द्वारिका, हस्तिनापुर, स्‍वर्गलोक, लंका और जगन्‍नाथपुरी का निर्माण करवाया था। उन्‍होंने ही भगवान शिव का त्रिशूल और विष्‍णु भगवान का सुदर्शन चक्र तैयार किया था। इसलिए सभी इंजीनियर और मशीनों से जुड़े लोग भगवान विश्‍वकर्मा को अपना भगवान मानते हैं।

विश्‍वकर्मा पूजा का महत्‍व

शास्‍त्रों में विश्‍वकर्मा पूजा का महत्‍व बहुत ही खास माना गया है। ऐसी मान्‍यता है कि जिन घरों, कारखानों और औद्योगिक संस्‍थानों में भगवान विश्‍वकर्मा की पूजा की जाती है वहां पर मां लक्ष्‍मी का भी वास होता है और ऐसे संस्‍थान सदैव मुनाफे में रहते हैं। तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोग भी विश्‍वकर्मा जयंती पर अपने औजारों और टूल्‍स की पूजा करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से उनके औजार बिना किसी बाधा के अच्‍छे से काम करते हैं।

क्‍यों सबके लिए जरूरी है विश्‍वकर्मा पूजा

कलयुग में भगवान विश्‍वकर्मा की पूजा इसलिए जरूरी मानी गई है कि क्‍योंकि आज के युग में हर व्‍यक्ति तकनीक से जुड़ा हुआ है। मोबाइल, टैब और लैपटॉप के बिना भी कोई काम संभव नहीं है। छात्र हों या फिर घरेलू महिलाएं सभी के जीवन में तकनीक का खास महत्‍व है। इसलिए विश्‍वकर्मा जयंती पर पूजा करना सभी के लिए आवश्‍यक है।


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