लखनपुर (गंगा प्रकाश) प्रदेश की कांग्रेस सरकार लाख विकास के दावा करती है, पर धरातल पर कुछ और ही तस्वीर देखने को मिल रही है, लखनपुर विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित लखनपुर द्वारा धान खरीदी केंद्र संचालित है। जैसे की लखनपुर, कुन्नी, लहपटरा , जमगला, चांदो, अमलभिठ्ठी, निम्ह, पुटपुटरा, में किसानों की सुविधा के हेतु धान खरीदी के लिए जगह निर्धारित की गई, वही शासन के निर्देशानुसार एक नवंबर से सभी धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की शुरुवात तो की गई है। पर कुछ समितियों में किसान धान बेचने के लिए आ रहे हैं।
पर बात करे आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित अमेरा धान उप केंद्र पुटपुटरा का जहां किसान इस बात के इंतजार में हैं की किसकी सरकार बनेगी उसके बाद ही धान बेचना है। इस वजह से अभी तक इस धान उपार्जन केन्द्र में 32 दिन बीत जाने के बाद भी बोहनी नही हुआ है।
धान बेचना और खरीदना तो है ही पर प्रबंधन समिति की लापरवाही की वजह अमेरा उप धान उपार्जन केंद्र में सेड बना तो दूर की बात है, किसानों के लिए ना तो बैठने का, किसानों को धान बेचने के दौरान कुआ का गंदा पानी पीना होगा, और ना ही सौचालय है, ये बात तो है ही साथ में धान खरीदी परिसर में साफ सफाई तक नहीं है। इस तरह के जगह पर धान बेचने वालो को परेशानी तो होगी लेने वालो की भी दिक्कत का सामना करना होगा। और इस जगह पर धान खरीदी जो होगी उस धान का देख रेख और सही क्वालिटी की कैसे होगी जगह को देख कर लगता है की धान के साथ कचड़ा मिलना स्वाभाविक है। इस संबंध में कर्मचारियों से बात करने पर कहा गया की अभी यह केंद्र नया है।
जबकि 2022 में वहां पर एक बार धान खरीदी किया जा चुका है। अब देखना होगा कि प्रशासन यू ही मनमानी कर रहे कर्मचारियों पर कैसे नियंत्रण करती है।
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