नई दिल्ली । भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के निर्देशन में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने देशभर के 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों/केवीएस/ एनवीएस के पीएम श्री स्कूलों के शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय मेंटरिंग मिशन (एनएमएम) और शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (एनपीएसटी) पर पांच दिवसीय आभासी ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें 1 लाख से अधिक शिक्षक शामिल हुए। 10-14 जून 2024 तक आयोजित सत्रों का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल के साथ पीएम श्री स्कूल शिक्षकों की क्षमता का निर्माण करना था।







पांच दिनों तक दो घंटे के सत्र आयोजित किए गए, जिसमें एनएमएम और एनपीएसटी पर जानकारी प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रत्येक दिन, अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया। इन पहलों की रूपरेखा शिक्षकों के व्‍यावसायिक विकास की सहायता करने और उन्हें अपने छात्रों के लिए एक मजबूत आधार का निर्माण करने हेतु सशक्त बनाने के लिए बनाई गई है। सत्रों को और अधिक समावेशी बनाने में सांकेतिक भाषा के दुभाषिए भी शामिल थे। इन सत्रों में भाग लेकर पीएम श्री स्कूल शिक्षकों द्वारा एनपीएसटी और एनएमएम और उनकी कार्यान्वयन रणनीतियों की गहरी समझ विकसित करने की उम्मीद है।

एनसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर पंकज अरोड़ा और एनसीटीई की सदस्य सचिव सुश्री केसांग वाई शेरपा ने पीएम श्री स्कूल शिक्षकों के लिए एनपीएसटी और एनएमएम दोनों सत्रों के लिए संदर्भ तैयार किया। नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग (एनएमएम) पर एक सत्र में, एनएमएम पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। एक तकनीकी प्रदर्शन में संरक्षकों और प्रशिक्षुओं दोनों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया और एनएमएम पोर्टल के उपयोग को प्रदर्शित किया गया। सत्र में संरक्षकों और प्रशिक्षुओं के बीच परस्‍पर बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए एनएमएम डिजिटल पोर्टल के माध्यम से एनसीटीई द्वारा प्रदान की जा रही निरंतर सहायता को भी रेखांकित किया गया।

एनपीएसटी पर सत्र में एनपीएसटी मार्गदर्शक दस्तावेज में अनुशंसित प्रदर्शन अपेक्षाओं और सुधार के लिए रणनीतियों की उनकी समझ को बढ़ाकर पीएम श्री स्कूल शिक्षकों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। सत्र में सेवारत शिक्षकों की क्षमता निर्माण के लिए एनपीएसटी मार्गदर्शक दस्तावेज में अनुशंसित तीन मुख्य मानकों, शिक्षक स्तरों और एनपीएसटी ढांचे को रेखांकित किया गया। अनुकूलन सत्र में उस योग्यता के बारे में जानकारी दी गई जो शिक्षकों को उनके व्‍यावसायिक और व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकती है।

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