गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। राजिम विधायक रोहित साहू ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा तहसीलदारों को जमीन के रिकार्ड सुधारने का अधिकार दिए जाने पर मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को बधाई देते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। श्री साहू ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में भू-स्वामियों को पटवारी रिकार्ड की गलतियों में सुधार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राजस्व रिकार्ड में नाम सुधारना, खसरा सही नहीं होना, पटवारी रिकार्ड में गलती आदि राजस्व त्रुटियों के लिए अब अनुविभागीय कार्यालय (एसडीएम) के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। राज्य सरकार ने ऐसे प्रकरणों के लिए एसडीएम कार्यालय के स्थान पर अब तहसीलदारों को अधिकृत किया है। इससे पहले आम आदमी, किसानों को ऐसे प्रकरणों के लिए एसडीएम दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे। पटवारी रिकार्ड में दर्ज त्रुटियों के सुधारने के लिए अब तहसील कार्यालय से काम हो जाएगा। तहसीलदार को भूमि स्वामी उसके पिता, पति के नाम, उपनाम, जाति, पते में लिपिकीय त्रुटि आदि सुधार करने अधिकृत किया गया है। श्री साहू ने कहा है कि सरकार के इस निर्णय के बाद लोगों को राहत मिलेगी। बदले नियमों की अधिसूचना राजपत्र में भी प्रकाशित कर दी गई है। किसानों ने राजस्व विभाग से संबंधित खामियों को लेकर लगातार अभियान चलाया, जिसके बाद सरकार ने राजस्व शिविर लगाया। अब एक और बड़ा फैसला लिया गया है। विधायक रोहित साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी का सीजन शुरू हो चुका है। राज्य सरकार ने राजस्व के लंबित मामलों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए है। तहसीलदारों के अधिकरों में की गई बढ़ोतरी को भी इसी दिशा में किया गया प्रयास माना जा रहा है। श्री साहू ने कहा कि नाम, पता सहित पटवारी रिकार्ड में गलतियों को सुधारने के लिए पहले एसडीएम कार्यालय में आवेदन देना पड़ता था। वहां से यह आवेदन तहसीलदार को भेजा जाता था। तहसीलदार, पटवारी को प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश देते थे। यह प्रतिवेदन पुनः एसडीएम कार्यालय भेजा जाता था। अब सीधे तहसील कार्यालय में आवेदन करना होगा, यहीं से त्रुटि सुधार किया जाएगा।
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