अरविन्द तिवारी 

जांजगीर चांपा (गंगा प्रकाश)- मैटेरियल साइंस पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन रसायन शास्त्र विभाग के अंतर्गत किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया इस नेशनल सेमिनार को भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत आने वाले साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त था। इस सेमिनार में देश एवं प्रदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं के वैज्ञानिकों एवं प्राध्यापकों के द्वारा मैटेरियल साइंस के संबंध में समसामयिक एवं जीवंत वैज्ञानिक व्याख्यान दिया गया। इस सेमिनार के लिये दस मुख्य स्पीकर आमंत्रित हैं जिनका अकादमी एवं रिसर्च रिकॉर्ड उत्तम है। देश के विभिन्न हिस्सों से 14 रिसर्च पेपर इस सेमीनार के लिये प्राप्त हुये। इनमें से सात रिसर्च पेपर का चयन ओरल प्रेजेंटेशन के लिये किया गया। इस सेमीनार का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय में अध्ययनरत बीएससी एवं एमएससी के विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में शोध कार्य के लिये बेहतर अवसरों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना था। देश व प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में कार्यरत एवं अध्ययनरत 200 प्रतिभागियों ने आधुनिक एवं नवीन शोध कार्य के बारे में ज्ञान प्राप्त किया। मैटकॉन 2022 में आये हुये विद्वानों द्वारा महाविद्यालय के छात्र- छात्राओं को आईआईटी , बीएचयू , केंद्रीय एवं राज्य के विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप प्रोजेक्ट एवं पीएचडी हेतु फैलोशिप प्रदान करने की सहमति दी। इस सेमिनार में राज्य में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों तथा वर्ज्य पदार्थों के बेहतर उपयोग व पुनःउपयोगीकरण के विषय में भी परिचर्चा की गई। सेमिनार का उद्घाटन शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर ललित प्रकाश पटेरिया एवं डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ अंजनी कुमार तिवारी द्वारा संपन्न किया गया।सेमीनार में प्रथम दिवस के मुख्य वक्ता के रूप में आईआईटी इंदौर से प्रोफेसर अपूर्वा कुमार दास , बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से प्रोफेसर के.वी.एस. रंगनाथ , आईआईटी भिलाई से डॉ. रामासामी मायिल मुरुगन एवं डॉ राघवेंद्र मेडिसिटी गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से डॉक्टर संतोष सिंह ठाकुर इंदिरा गांधी नेशनल ट्राईबल यूनिवर्सिटी अमरकंटक से उपस्थित डॉक्टर अवनीश शुक्ला ने रिसेंट ट्रेंड्स इन मैटेरियल साइंस पर व्याख्यान दिया। प्रोफेसर अपूर्व कुमार दास द्वारा अमीनो एसिड एवं पेप्टाइड से निर्मित सॉफ्ट बायोमैटेरियल का उपयोग थ्री डी बायोप्रिंटिंग टिशू एवं आर्गन इंजीनियरिंग एवं एंटीबैक्टीरियल थेरेपी डेवलपमेंट में बताया गया। प्रोफेसर दास आईआईटी इंदौर के प्रसिद्ध वैज्ञानिक हैं जिनका ज्वाइंट कोलैबोरेशन यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन से है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बायो मटेरियल में रिसर्च करने के लिये प्रेरित किया। दूसरे मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर केवीएस रंगनाथ द्वारा बायोफ्यूल्स के संबंध में अति महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया गया। प्रोफेसर केवीएस रंगनाथ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ एवं अनुभवी वैज्ञानिक हैं। बायोफ्यूल्स वर्तमान समय की जरूरत है एवं इसके उपयोग से कार्बन का उत्सर्जन कम होता है यह जानकारी प्रोफेसर रंगनाथ द्वारा प्रदान की गई। प्रो. रंगनाथ द्वारा नैनो उत्प्रेरक के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जिसका उपयोग बायोफ्यूल्स एवं बायोडीजल के व्यवसायिक उत्पादन में किया जा सकता है। सेमिनार में आईआईटी भिलाई से आये डॉ० रामास्वामी मायिलमुरूगन द्वारा नये एमआरआई कंट्रास्ट के उत्पादन एवं उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। इसी क्रम में आईआईटी भिलाई के युवा वैज्ञानिक डॉ राघवेंद्र मेडिसिटी ने क्रिस्टल संरचना पर आधारित स्मार्ट माइक्रो मशीन के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से आये डॉ० संतोष सिंह ठाकुर द्वारा एसिमेट्री कैटालिसिस पर व्याख्यान दिया गया। इंदिरा गांधी नेशनल ट्राईबल यूनिवर्सिटी अमरकंटक से उपस्थित अवनीश शुक्ला द्वारा फ्यूल सेल का निर्माण एवं उसके उपयोगिता के संबंध में नये रिसर्च संबंधी व्याख्यान दिये। दूसरे दिन सेमीनार की शुरुआत वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े डॉ० हेमेंद्र सिंह परमार सहायक प्राध्यापक देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी इंदौर द्वारा ब्रेस्ट कैंसर के उपचार में बायोटेक्नोलॉजी के अमूल्य योगदान एवं नये चिकित्सा के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई। जल के प्रदूषण एवं उसके निवारण हेतु माइक्रोपोरोस मटेरियल निर्माण के संबंध में जानकारी सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड से आए डॉ सौमेन डे , सहायक प्राध्यापक द्वारा दी गई। दूसरे दिन भी गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी बिलासपुर से डॉक्टर सुभाष बनर्जी एवं प्रोफेसर गौतम कुमार पात्रा उपस्थित रहे। डॉ० बनर्जी द्वारा ग्रीन केमेस्ट्री एवं उसके वर्तमान रिसर्च के बारे में बताया गया। प्रोफेसर पात्रा द्वारा इलेक्ट्रो केमिस्ट्री के संबंध में विस्तृत व्याख्यान दिया गया। सभी व्याख्यान नये रिसर्च से संबंधित थे जिसे बहुत सरलता पूर्वक विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को समझाया गया। विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा एवं रिसर्च के लिये काफी उत्साह देखा गया। नेशनल सेमिनार के आयोजन में महाविद्यालय परिवार के सभी वरिष्ठ प्राध्यापकों , सहायक प्राध्यापको एवं कर्मचारियों का अमूल्य योगदान रहा। उपरोक्त सेमीनार में चाम्पा एम एम आर महाविद्यालय के एम एससी रसायन शास्त्र के विद्यार्थियों ने भी अपने प्राध्यापकों के साथ सहभागिता की।


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