जमानत याचिका पर सुनवाई 12 अप्रैल को, कारोबारी अनवर ढेबर फिर ईओडब्लू रिमांड पर…

रायपुर(गंगा प्रकाश)। चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री आचार्य चाणक्य एक महान राजनीतिज्ञ और कूटनीतिज्ञ थे। जिन्होंने ही दुष्ट धनानंद को सत्ता से बेदखल कर चंद्रगुप्त मौर्य को मगध का राजा बनाया था ।कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति इनके ग्रंथों को पढ़ लेता है तो उसे जीवन की हर समस्या का हल मिल जाता है।आचार्य चाणक्य ने अपने ग्रंथों में मानव जीवन से संबंधित हर विषय के बारे में लिखा है। प्रश्न के अनुसार आचार्य चाणक्य ने महिलाओं के बारे में भी बहुत कुछ लिखा है।आचार्य चाणक्य ने अपने नीति ग्रंथ के सातवें अध्याय के पहले ही श्लोक में स्त्री और पैसों से जुड़ी बात कही है। चाणक्य के अनुसार कुछ बातें ऐसी होती हैं जिनको गुप्त रखना या किसी को नहीं बताना ही समझदारी है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि स्त्री और पैसों से जुड़ी कुछ बातें किसी ओर को नहीं बतानी चाहिए। इनके साथ ही चाणक्य ने मन की स्थिति के बारे में भी बताया है कि जब दुखी होते हैं तो किसी को बताना नहीं चाहिए। जानिए चाणक्यनीति दर्पण के सातवें अध्याय के पहले श्लोक का अर्थ –

चाणक्य कहते हैं कि –

अर्थनाशं मनस्तापं गृहे दुश्चरितानि च ।

वञ्चनं चापमानं च मतिमान्न प्रकाशयेत॥

धन का नाश हो जाने पर, मन में दुखः होने पर, पत्नी के चाल – चलन का पता लगने पर, नीच व्यक्ति से कुछ घटिया बातें सुन लेने पर तथा स्वयं कहीं से अपमानित होने पर अपने मन की बातों को किसी को नहीं बताना चाहिए । यही समझदारी है। चाणक्य के अनुसार कभी व्यवसाय, नौकरी या लेन-देन में कभी पैसों का नुकसान हो जाए या कोई आपका पैसा चुरा ले तो ऐसी बात किसी को नहीं बतानी चाहिए, चाहे वो कितना भी करीबी इंसान क्यों न हो। इसके अलावा जब आप दुखी हो या किसी काम में मन न लेगे तो ऐसी स्थिति के बारे में भी किसी को नहीं बताना चाहिए। वरना इसमें नुकसान आपका ही होगा। चाणक्य ने इसी तरह पत्नी के बारे में भी महत्वपूर्ण बात कही है कि जब किसी को अपनी पत्नी के चरीत्र संबंधी किसी बात पर शंका हो या उसकी कोई आदत गलत लगे तो ये बात किसी भी इंसान से शेयर नहीं करनी चाहिए। चाणक्य ने ये भी कहा है कि कहीं से अपमानित होने पर या कोई नीच, मुर्ख व्यक्ति आपको गलत बात बोल दे तो इसकी चर्चा भी दूसरों से नहीं करनी चाहिए। इसी में समझदारी है।स्त्रियोँ मेँ असुरक्षा भावना अधिक होने के कारण उनका स्वभाव अधिकतर क्लेशयुक्त होता है। संसार मेँ जितने भी झगड़े होते हैँ उनमेँ अधिकतर की जड़ स्त्रियाँ ही होती हैँ।इस स्वभाव के पीछे एक प्रमुख कारण है कि विवाह के पश्चात उसे पिता का घर छोड़ ऐसी जगह आना पड़ता है जहाँ सब कुछ उसके लिये नया है। सास के अधिकार के अन्दर से ही उसे अपना अधिकार प्राप्त करना होता है।विवाह के तुरन्त बाद से पहला वैमन्स्य स्त्री-स्त्री के मध्य सास-बहू वाला ही होता है। बाद मेँ नन्द आदि भी इसी मेँ जुड़ जाती हैँ। दो भाईयों मेँ प्रतिस्पर्धा इन्हीँ के कारण उपजती है (देवरानी-जेठानी)।सब के पीछे कारण एक ही है कि उसे ऐसी जगह अपना अधिकार निश्चित करना होता है जहाँ सब नये होते हैँ। पुरुषोँ को अधिकार स्वतः मिले ही होते हैँ। आक्रमकता स्त्री का गुण इसी कारण से बन जाता है क्योँकि अधिकार ऐसे ही दान मेँ मिलता नहीँ उसे छीनकर ही लिया जाता है इसी कारण से वह अधिकतर सबकी बुरी बन जाती है। अपना अधिकार कौन छोड़ना चाहता है? अर्थात कोई नहीँ।पहाड़ को ऊँगली पर उठा लेने के कारण ही तो श्री भगवान को गोवर्धनधारी कहा गया है।
किन्तु स्वयं तीनों लोकों को धारण करने वाले श्री भगवान को वही नारी गोवर्धनधारी को कुचों के अग्रभाग पर धारण करती हैं।
अब आप स्वयं ही सोचिये, कि यदि तीनों लोकों के मालिक को नारी अपने जाल में फांस सकती है,तो साधारण प्राणी को क्या हाल होगा। नारी ईश्वर से अधिक शक्तिशाली और बोझ उठाने वाली हैं। वैसे सुना और कहा जाता हैं कि राजनीति से जुड़ा हर व्यक्ति आचार्य चाणक्य के बारे जानता है और उनके द्वारा लिखी गई पुस्तको का अध्यन कर ज्ञान अर्जित करने के साथ उनका अनुकरण भी करता हैं किंतु छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सत्ता में रहकर ऐसा कुछ नहीं किया बल्कि सत्ता की चाबी अपनी निज सचिव सौम्या चौरसिया को सौप कर धनानंद की तरह ही धन का आनंद लेते रहें और छत्तीसगढ़ राज्य को भ्रष्ट्राचार कर लूटने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा और अपने शासन काल में छत्तीसगढ़ को भ्रष्ट्राचार का गढ़ बना डाला था।जिसमे अब छत्तीसगढ़ में जेल में बंद भ्रष्टाचार की मूर्ति ने जमानत याचिका दायर की है, इस पर जल्द  12 अप्रैल को सुनवाई के आसार हैं। दरअसल घोटालों की मूर्ति और  भी कई मामलों में नामजद आरोपी हैं अब पूर्व मुख्यमंत्री भू-पे को सबक सिखाने को आमादा हैं। इसके लिए उसने राजनांदगांव लोकसभा सीट पर चुनाव प्रचार करने का ऐलान भी किया है। यदि समय पर जमानत मिल गई तो छत्तीसगढ़ के “बंटी और बबली” के बीच जूतम-पैजार नजारे देखे जा सकते हैं? इस दंगल का स्थान भी मुकर्रर कर दिया गया है। भिलाई में मानसरोवर कॉलोनी स्थित भूपेश बघेल के आवास और राजनांदगांव में कांग्रेस दफ्तर के सामने भ्रष्टाचार की मूर्ति दो नन्हें मुन्ने बच्चों के साथ शामिल हो सकती है,उसे न्याय चाहिए। और इतिहास गवाह हैं महिला शक्ति को यूंही दबाया नही जा सकता, चाहे राजनेता कितना चालाक और ताकतवर क्यों ना हो? त्रिया हट के सामने सभी को घुटने टेकने पड़े हैं चाहे फिर स्वयं देवो के देव महादेव क्यों न हो?

दो मासूम बच्चों को लेकर बैठ सकती हैं धरने पर:सूत्र

सूत्रों का यह भी दावा है कि पूर्व “राजरानी” दो मासूम बच्चों के मालिकाना हक और DNA टेस्ट की मांग को लेकर धरने पर बैठ सकती हैं, इसके आसार लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बताते हैं कि “बंटी और बबली” के बीच आपसी भिड़ंत के आसार हैं?इस सीधी टक्कर में मामला राजनैतिक नही बल्कि “दिल दा”और हक-हुकूक से जुड़ा बताया जाता है। हालाकि दोनों ही प्रतिद्वंदियों के बीच सुलह की कोशिशें अभी भी जारी हैं, परिणाम 12 अप्रैल को आने की संभावना है। इस दिन जनता को पता चल जाएगा कि आखिर ऊंट किस करवट बैठेगा। फिलहाल तो ऊंट चुनावी रंग में रंगा “सियार” नजर आ रहा है। उसने चरित्रवान बीजेपी उम्मीदवार संतोष पांडेय के खिलाफ मोर्चा खोला है।

शराब घोटाला को लेकर ईओडब्लू सक्रिय

सूत्रों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में 2200 करोड़ के शराब घोटाले की जांच को लेकर ईओडब्लू सक्रिय हो गया है। कारोबारी अनवर ढेबर से 3 दिनों तक चली पूछताछ सोमवार शाम खत्म हो गई है। आरोपी ढेबर को रायपुर में ईडी की विशेष अदालत में आज पेश किया गया था। यहां ईओडब्लू ने रिमांड में हुई पूछताछ का ब्यौरा देते हुए आरोपी को दोबारा रिमांड में भेजने का कोर्ट से आग्रह किया गया था।ईओडब्लू और बचाव पक्ष के बीच मामले को लेकर करीब घंटे भर तक चली बहस के बाद कोर्ट ने कारोबारी अनवर ढेबर को 4 दिनों के लिए ईओडब्लू की हिरासत में भेज दिया है। अब उन्हें 12 अप्रैल को पेश किया जाएगा।

पूछताछ में अनवर ढेबर ने शराब घोटाले से किया इंकार अरविंद सिंह ने भी नही खोला अपना मुंह

सूत्रों के मुताबिक ईओडब्लू में अब तक हुई पूछताछ में कारोबारी अनवर ढेबर ने शराब घोटाले से जहां इंकार किया, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बचाव में कई तर्क भी दिए। यह भी बताया जाता है कि फर्जी होलोग्राम, शराब की अफरा तफरी, एफएल-10ए लाइसेंस समेत कई महत्वपूर्ण सवालों का संतोषजनक जवाब जांच अधिकारियों को नही मिल पाया है।बताते हैं कि आरोपी अरविंद सिंह ने भी पूछताछ में भूपेश बघेल के खिलाफ अपना मुंह नही खोला है। वो घोटाले से जुड़े कई तथ्यों को सबूतों के सामने होने के बावजूद इंकार करते रहा। जबकि कई घोटालेबाजों ने लेन-देन का ठीकरा भूपेश बघेल पर फोड़ा है।

शराब घोटाले की महत्वपूर्ण सबूत लगे ईओडब्लू के हांथ

सूत्रों से यह जानकारी भी सामने आई है कि शराब घोटाले की महत्वपूर्ण कड़ी ईओडब्लू के हांथ लग गई है। हकीकत सामने आने के बाद महकमा अन्य आरोपियों की भी तलाश में जुट गया है। इस के लिए नियमानुसार कार्यवाही तेज कर दी गई है, आने वाले दिनों में कई आरोपी ईओडब्लू के हत्थे चढ़ सकते हैं।इधर ईओडब्लू रिमांड खत्म होने पर कारोबारी अनवर ढेबर को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया था। यहां अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर तीखी नोंक-झोंक हुई। दिल्ली से रायपुर पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ता अर्जुन दीवान ने कारोबारी ढेबर के बचाव में कई तर्क पेश किए। उन्होंने ढेबर की गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताया। इसके जवाब में ईओडब्लू ने मामले की गंभीरता को लेकर कई सवाल दागे, उसने अब तक की जांच रिपोर्ट का हवाला देकर अपनी कार्यवाही से अदालत को अवगत कराया और ढेबर की रिमांड मांगी।

अनवर ढेबर को भेजा गया 4 दिनों की ईओडब्लू रिमांड पर

सूत्र बताते हैं कि दोनों पक्षों के तर्कों और दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने कारोबारी अनवर ढेबर को 4 दिनों की ईओडब्लू रिमांड पर भेज दिया गया है। बताते हैं कि कारोबारी ढेबर की ओर से आज जमानत याचिका दाखिल ना करा कर, सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी का ही सीधा विरोध किया गया था। इधर 600 करोड़ के कोल खनन परिवहन और 2200 करोड़ के शराब घोटाले को लेकर जेल की हवा खा रही डिप्टी कलेक्टर सौम्या चौरसिया की एक याचिका चर्चा में है। इस पर सुनवाई 12 अप्रैल को रायपुर की विशेष अदालत में होगी। अदालती सूत्रों के मुताबिक याचिका आरोपी सौम्या चौरसिया की जमानत से जुड़ी हुई है।
हाल ही में ईओडब्लू की टीम ने आरोपी सौम्या चौरसिया से जेल में पूछताछ पूर्ण की है। बताया जाता है कि बीते तीन-चार दिनों में आरोपी सौम्या के अलावा निलंबित आईएएस रानू साहू से ईओडब्लू की टीम कई दौर की पूछताछ पूरी कर चुकी है। उसे मामले की तफ्तीश में कई सुराग हाथ लगे हैं, ये प्रदेश के एक नही बल्कि दर्जनों घोटालों से जुड़े बताए जाते हैं। सूत्रों का दावा है कि घोटालों और सरकारी रकम की बंदरबांट को लेकर सौम्या चौरसिया ने आग उगली है।
सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लेकर आश्चर्यजनक बयान दर्ज कराया है। बताते हैं कि भूपेश बघेल खेमा आरोपियों के रूख को लेकर काफी पहले ही सक्रिय हो गया था, उसने आरोपियों को मुंह ना खोलने की चेतावनी भी दी थी। बावजूद इसके तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की करीबी उपसचिव सौम्या चौरसिया का जेल में दर्ज कराया गया बयान गौरतलब ही नही बल्कि सुर्खियों में बताया जाता है। इसके चलते राजनैतिक भूचाल से इंकार नही किया जा सकता।(साभार न्यूज़ टुडे छत्तीसगढ़)

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