अंतराष्ट्रीय पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा साथ ही प्रदेश महासचिव विमल जैन ने अवैध उत्खनन पर रोग लगा ने हेतु  गरीबों को मुफ्त  रेत मिले इसके हेतु मांग की

डोंगरगांव (गंगा प्रकाश)। खनिज विभाग के उदासीन रवैये के चलते खनिज माफिया सक्रिय हो रहे हैं। नदी में रोजाना अवैध उत्खनन कर ट्रैक्टर ट्राली से रेत ले जाई जा रही है। इससे राजस्व का चूना लग रहा है। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को होने के बावजूद वे चुप्पी साधे हुए हैं। शिकायतें होने पर प्रशासन द्वारा गिने चुने कुछ लोगों को पकड़ा जाता है। वहीं नाममात्र के लिए कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन अवैध उत्खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई न करने से अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले बुलंद है और वह लगातार अवैध उत्खनन करने में जुटे हुए हैं

उत्खनन करने वालों की राजनीतिक व प्रशासनिक पकड़

खनिज माफियाओं की राजनीतिक व प्रशासनिक अच्छी पकड़ है। इस कारण क्षेत्र मे अवैध उत्खनन कर राजस्व को चूना लगा रहे हैं, वहीं अधिकारी भी इसे नजरअंदाज कर अनुचित लाभ ले रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अवैध उत्खनन करने वालों की अच्छी पकड़ है। कोई जनप्रतिनिधि की बताता है, तो प्रशासनिक अधिकारियों की आड़ में उत्खनन करने में जुटे हुए हैं। क्षेत्र की बगदई, गुगुवा साल्हे,मटिया, करियाटोला, रातापायली, रुदगांव, बरगांव  और शिवनाथ  नदी के अन्य  तट से रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर ट्राली अवैध रेत खनन कर रहे हैं।
जिले में नदियों का दोहन करना कोई नया काम नहीं है, यह काफी लंबे समय से चला आ रहा है, जब जी चाहे, जितना चाहे वे नदी से बगैर परमिशन बालू (रेत) उठाकर ले जाता है. राजनांदगांव  जिले में बहने वाली शिवनाथ नदी के सहित कई छोटी से बड़ी नदियों से रोजाना  ट्रैक्टर एवं छोटे ट्रक में बालू भरकर लोकल एरिया से लेकर अन्य प्रांतों में भी भेजा जा रहा है. खतरे में नदियां, अवैध-निरंकुश तरीके से हो रहा रेत खनन, जिम्मेदार क्यों नहीं ले रहे एक्शन?जिले में नदियों का दोहन करना कोई नया काम नहीं है, यह काफी लंबे समय से चला आ रहा है, जब जी चाहे, जितना चाहे वे नदी से बगैर परमिशन बालू (रेत) उठाकर ले जाता है.राजनांदगांव जिले में बहने वाली शिवनाथ नदी से लगे मटिया,दर्री,खुज्जी, बगदई, गुगुवा साल्हे, करियाटोला,रातापायली, रुदगांव, बरगांव  सहित कई छोटी से बड़ी नदियों से रोजाना 150 से 200 ट्रैक्टर एवं छोटे ट्रक में बालू भरकर लोकल एरिया से लेकर अन्य प्रांतों में भी भेजा जा रहा है.
खतरे में नदियां, अवैध-निरंकुश तरीके से हो रहा रेत खनन, जिम्मेदार क्यों नहीं ले रहे एक्शन?राजनांदगांव जिले में इन दिनों नदियों में अवैध रेत उत्खनन  जोरों पर है. रेत माफियाओं (Sand Mafia) द्वारा रेत उत्खनन का गोरख धंधा काफी दिनों से किया जा रहा है, ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि रेत उत्खनन करने वाले एवं माफियाओं पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा एक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा है. बता दें कि जिले में नदियों का दोहन करना कोई नया काम नहीं है, यह काफी लंबे समय से चला आ रहा है, जब जी चाहे, जितना चाहे वे नदी से बगैर परमिशन बालू (रेत) उठाकर ले जाता है. राजनांदगांव जिले में बहने वाली शिवनाथ नदी सहित कई छोटी से बड़ी नदियों से रोजाना  ट्रैक्टर एवं छोटे ट्रक में बालू भरकर लोकल एरिया से लेकर अन्य प्रांतों में भी भेजा जा रहा है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि छत्तीसगढ़ सरकार  व स्थानीय प्रतिनिधि के संरक्षण में रेत माफिया फल-फूल रहे हैं और रेत उत्खनन जैसे अनैतिक कार्य कर नदियों का दोहन कर रहे हैं।
गरीबों को पीएम आवास के तहत रेत मुफ्त मिले और इस संबंध में आएगा के प्रदेश संगठन के प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से जल्द मुलाकात करके इस मामले की जानकारी उनको देंगे।


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