देवभोग/गरियाबंद(गंगा प्रकाश):-धनतेरस के मौके पर सोने-चांदी की शुभ खरीद में इस बार रेकॉर्ड बिक्री दर्ज होने का अनुमान है। एक तो धनतेरस, ऊपर से सोने की कीमतों में आई गिरावट और शादियों का सीजन… जूलर्स की दुकानों पर जुटी भीड़ इसी बात का संकेत दे रही है।सराफा कारोबारियों का मानना है कि इस  बार धनतेरस पर समूचे भारत देश मे 40-42 टन सोने की बिक्री का अनुमान है, जो कि पिछले वर्ष के मुकाबले 35-40 पर्सेंट ज्यादा है। कारोबारियों का कहना हैं कि  ‘लोगों में कोविड का डर अब पूरी तरह से चला गया है और लोग लंबे समय बाद जमकर खरीदारी कर रहे हैं। महंगाई और ग्लोबल मंदी के साए में सोना एक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहा है। दुनिया भर के बाजारों में प्रेसस मेटल की कीमतों में गिरावट के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 372 रुपये टूटकर 50,139 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 50,511 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 799 रुपये गिरकर 56,089 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 56,888 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुआ था।बता दें कि धनतेरस कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि 22 अक्टूबर 2022 को शाम 6 बजकर 02 मिनट से शुरू हो रही है। 23 अक्टूबर 2022 को त्रयोदशी तिथि शाम 06 बजकर 03 मिनट पर खत्म होगी। धनतेरस पर पूजा-पाठ के अलावा शुभ वस्तुओं की खरीदारी का भी विधान है। ऐसे में आज दोपहर से देवभोग का सराफा बाजार गुलजार है।सोने के ज्वेलरी के अलावा सिक्का,लक्ष्मी कलश एव शुभ माने जाने वाले धातुओं की जबर्दश्त खरीदारी हो रही है।कुछ ही माह पहले खुले ओमप्रकाश ज्वेलर्स के प्रति लोगो का भरोसा कम समय मे जाग गया।ग्राहकों का कहना है कि सोने चांदी के कारोबार में कई छुपी हुई बाते रहती है जिसका जमकर फॉयदा उठाया गया।ओमप्रकाश ज्वेलर्स के संचालक अनिल अग्रवाल ने कहा कि  हमारा उद्देश्य केवल कारोबार करना नहीं है,स्थानीय होने के नाते हम केवल जरूरत व आवश्कयता के सामान को उचित दाम पर ग्राहकों तक पहूचाना भी धर्म है।जिस आशा व विश्वास के साथ लोग हम पर भरोसा करते हैं, उसी भरोसा पर हमें कायम रह कर पारदर्शिता व्यापार करना है।

कारोबार में कई दांवपेंच

सराफा का कारोबार काफी बारीकी का होता है,इसकी जानकारी के अभाव में ग्राहक ठगे भी जाते है।जैसे सोने के कम कैरेट की पहचान नही कर सके तो 24 कैरेट के दाम का भुगतान ग्राहक कर बैठता है।वैसे ही चांदी भी विभिन्न प्रकार के मिलते हैं।40 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत शुध्दता वाली भी चांदी बाजार में आता है  ,कम शुद्धता वाली चांदी उपयोग करने पर जल्द ही काला हो जाता है।ग्राहकों को ख़रीदीदारी के समय चांदी के प्रतिशत का ज्ञान होना जरूरी है।नही तो कम शुध्दता के चांदी को भी 80 फीसदी चांदी शुद्धता के दर पर खपा दिया जाता है।

कई तरह से खरीद सकते हैं सोना

धनतेरस पर सोना आप कई तरह से खरीद सकते हैं। सोने को फिजिकल फॉर्मेट और इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में खरीदा जा सकता है। आप कई ऐप्स के माध्यम से डिजिटल गोल्ड खरीद सकते हैं। इसके बाद कई गोल्ड म्यूचुअल फंड्स आते हैं। गोल्ड ईटीएफ की बात करें, तो इसके जरिए आप अपने डीमैट अकाउंट से भी सोना खरीद सकते हैं। इसके बाद आता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड कुछ अवधि के लिए ही उपलब्ध रहता है। भारतीय रिजर्व बैंक हर एक से दो महीने में इश्यू लेकर आता है, जिसमें आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीद सकते हैं। इन इश्यू या बाइंग विंडो की लिस्ट आपको आरबीआई की वेबसाइट पर मिल जाएगी। यह विंडो पांच दिनों के लिए खुली रहती है।

जूलरी की डिमांड बढ़ी तो सोना काट रहा है चांदी

कोरोना संक्रमण फीका पड़ा तो जूलरी मार्केट की चमक बढ़ गई। पिछले साल की मुकाबले इस साल सोने की डिमांड 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है कि आर्टिफिशल फैंसी जूलरी की कीमतों में बढ़ोतरी। ऐसे में लोग आर्टिफिशल के बजाय ऑरिजनल चीजों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। दूसरी सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है कि जूलरी आइटम्स में भी आर्टिफिशल फैंसी जूलरी की तरह ही डिजाइन अब बाजारों में उपलब्ध हैं।पिछले सालों के मुकाबले इस साल जूलरी की डिमांड बढ़ी है। मांग में करीब 30 प्रतिशत तक इजाफा है। त्योहारों के सीजन में डिमांड में बढ़ोतरी का मूल कारण है भेंट देने के चलन में बढ़ोतरी होना। लोग गिफ्ट के रूप में हल्के सोने का सिक्का, ईयर रिंग्स, रिंग्स और चेन भेंट कर रहे हैं। इस वैरायटी में लोगों को मनपसंद डिजाइन भी उपलब्ध है। जिन्हें अपने पसंद कोई नया डिजाइन चाहिए, तो कंप्यूटर की मदद से हुबहू उसी तरह का डिजाइन भी उन्हें उपलब्ध हो रहा है। ऐसे में लोग आर्टिफिशल फैंसी जूलरी को कम और ऑरिजनल सोने के जूलरी अधिक पसंद कर रहे हैं। जिनका बजट 5 हजार है, उन्हें भी उसी दाम में जूलरी उपलब्ध हो रही है। 5 हजार से 50 हजार तक की रेंज में जूलरी की सबसे अधिक मांग है।

सेफ असेट के रूप में सोना-चांदी

गौरतलब हो कि ग्लोबल मंदी के डर में सेफ असेट के रूप में सोने-चांदी की तरफ निवेशकों का झुकाव तेजी से बढ़ रहा है। जिस तरह ग्लोबल बाजारों का रुख दिखाई दे रहा है,उसे देखते हुए अब लोगों को लग रहा है कि यहां से गोल्ड की कीमतों में बढ़ोतरी का ट्रेंड रह सकता है। पिछले साल के मुकाबले इस बार सोने की बिक्री में तेजी रहने की उम्मीद है।’धनतेरस पर हल्के गहनों की डिमांड ज्यादा है। ऐसे जेवर ग्राहकों को भी पसंद आते हैं और उनकी जेब पर भी ज्यादा भार नहीं पड़ता है। डिजाइन, डिस्काउंट, स्कीम और सोने की इंट्रेंसिक वैल्यू के कारण दुकान पर रिकॉर्ड ग्राहक हैं।

देख लें सोने की शुद्धता

सोना खरीदते समय सबसे पहली बात जिसका आपको खयाल रखना है, वह उसकी शुद्धता है। सबसे अच्छा गोल्ड 24 कैरट माना जाता है, लेकिन इसके लचीले होने की वजह से इसके आभूषण नहीं बनाएं जाते। अगर, कोई जूलर आपको 24 कैरेट गोल्ड के गहने देने का दावा कर रहा है तो समझ लें कि वह फर्जी है। आमतौर पर आभूषण बनाने के लिए 22 या 18 कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल किया जाता है। गोल्ड खरीदने से पहले इसकी जांच जरूर कर लें और प्रति घंटे भाव मे बदलाव अक्सर होता हैं तो आप खरीददारी से पहले गूगल में कीमत जरूर पता कर ले।


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