गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। राइट टू एजुकेशन के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का अधिकार है। इसमें उन्हें प्रवेश देना है, लेकिन अंचल के कई निजी स्कूल संचालक इसमें मनमानी कर रहे है। नियमों का उल्लंघन करते हुए दूसरों को प्रवेश दे रहे है। ऐसी शिकायतें मिलने के बाद गत वर्षो के रिकार्ड जांचे जाए तो इसकी पुष्टि होगी। डीईओ को इस मामले में सख्ती बरतने कहा है। आरटीआई का पालन नहीं करने वाले स्कूल संचालकों पर कार्यवाही का निर्देश दिया जाना आवश्यक है। इस बारे में इससे पहले स्कूल संचालकों प्राचार्यो के साथ बैठक आयोजित करने कहा गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अनिवार्य व निशुल्क बालक शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2010 (आरटीआई) लागू है। इसके तहत सभी निजी स्कूलों (गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों) के प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित है। इसमें बच्चों को घर के एक किमी के दायरे में स्थित निजी स्कूल में प्रवेश देने का नियम है। इस नियम के पालन में कई निजी स्कूल लापरवाही बरत रहे है। इन स्कूलों में ये निर्देश भी जारी किए गए है। असहाय बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदाय करनी है। इस संबंध में डीईओ द्वारा निजी स्कूलों का सतत निरीक्षण करने और असमानता की स्थिति में कार्यवाही करने का आदेश दिए गए है। आरटीआई पोर्टल को समय समय पर अपडेट करने का आदेश साथ ही निजी स्कूलों को प्रवेश पाने वाले बच्चों को निशुल्क पाठयपुस्तकें गणवेश और लेखन सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश, किसी भी बच्चे को नकद राशि नहीं देने का आदेश। परंतु निजी स्कूलें इसका पालन नहीं कर रही है। डीईओ जिले के सभी निजी स्कूलों का पंजीयन आरटीआई पोर्टल में पंजीकृत कराना सुनिश्चित करें जिससे अधिक से अधिक गरीब बच्चें प्रवेश पा सके। पहली के अलावा निजी स्कूलों में 9 वीं से 12 वीं तक की शिक्षा भी गरीब बच्चों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। स्कूलों को 15 हजार प्रति छात्र की राशि और 10000 शिक्षण सामग्री के लिए प्रदेश सरकार की ओर से प्रदान की जाती है। प्रतिवर्ष कम से कम दो बार आरटीई के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों का भौतिक सत्यापन करने का आदेश, जिससे ड्रापआउट करने वाले बच्चों की जानकारी उपलब्ध हो सके। डीईओ इस बारे में मॉनिटरिंग करें। आरटीई अंतर्गत वर्ष 2024-25 के लिए प्रदेश में संचालित निजी विद्यालयों में आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रथम चरण में लॉटरी व सीट आबंटन की कार्यवाही 20 से 30 मई तक की जाएगी। स्कूलों में दाखिला 1 से 30 जून तक होगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में कलेक्टर, संभागीय शिक्षा अधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए है। नए प्रवेश के बारे में चर्चा करने पर डीईओ एके सास्वत ने बताया कि आनलाईन प्राप्त आवेदनों में लाटरी निकालकर प्रवेश हुए छात्रों के नाम पोर्टल में अपडेट कर दिए गए है।
There is no ads to display, Please add some
