गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। गो हमारी ही नहीं विश्व की जाती है। इसीलिए हमारी शास्त्रों में भी यही बात लिखी गई है गावो विश्वस्य मातरम हेमारी देशी गाय हम सबके लिए सब प्रकार से उपयोगी है। देशी नस्ल की गाय ही दुनिया में ऐसी प्राणी है जिसका गोबर गोमूत्र जनस्वास्थ्य पर्यावरण और जैविक खेती में पुरातन काल से हमारे पूर्वज सब प्रकार से इसका उपयोग करते ओये हैं और गौ को माता स्वरूप में पूजिते आये हैं। उक्त उद्गार यहां पंचकोशी धाम गौशाला फिंगेश्वर में आयोजित गोपाष्टमी उत्सव 20 नवम्बर को फिंगेश्वर में मुख्य अतिथि की आसन्दी के विभाग प्रचारक श्री ठाकुर राम यादव जी व्यक्त करते हुए कहा कि ष्गो.गोबर की महिमा अपार यही बताने आता गोपाष्टमी त्योहारष्। समारोह में प्रमुख वक्ता के रूप में विशिष्ट आसन्दी से गोशाला के श्री भुनेश्वर साहू जी समाज के प्रान्त उपाध्यक्ष मे अपने वक्तव्य में गौ महिमा का बखान करते हुए उपस्थित जनसार गोभक्तों को आहवान करते हुए कहा हम सभी यदि कमसे कम 1.2 गायें अपने घरों में पालम करते हैं तो उससे गौ सेवा का सभी प्रकार पुण्य के भागी हम बन सकते हैं। समारोह की अध्यक्षता कर रहे संस्था ;गोशालाद्ध के अध्यक्ष डाण् चन्द्रवर हरित जी ने अपने उद्बोधन में बताया कहा कि इसस्मसिह के मुख्य अतिथि के लिए किसी सन्त को जाने की जिम्मेदारी मुझे समान आचार व्यवहार व विचार वाले को लाने की जिम्मेदारी मुझे दी गई थी से सन्त समान संघ के विभाग प्रचारक आज के इस पवित्र कार्यक्रम में आमंत्रित करके लाया है उन्होंने इस समारोह के संचालनके मुख्य उद्देश्य बताते गोधन जो समाज देश व हम सबके परम उपयोगी व हितकारी है उसकी महत्ता समाज को बताना उसकी पूजा अर्चना व मुख्य रूप से ऐक जैविक खेती की और किसानों को प्रेरित करना है। उन्हे ने जैविक खेती संबंधी एक गीत भी चलो गाय की ओर हमें अब देश बचाना हैष् प्रस्तुत करके सभी को जैविक खेती के लिए आह्वान किया। समारोह का गोशाला के अध्यक्ष नगर पंचायत के एल्डरमेन श्री ओम प्रकाश बंछोर व सतनामी समाज के जिलाअध्यक्ष श्री दूजलाल बंजारे ने संबोधित किया। गोपाष्टमी उत्सव पर प्रातः09 बजे गौचालिशा पाठ 10 बजे से परमानन्द महराज द्वारा विधि विधान से गायत्री कामधेनु पंचगोमंदिर व गौशाला में गोवर्धनन गौपूजन दोहापार सोहई खिचड़ी गो आरती बाद ही मंचीय कार्यक्रम संस्था के सरक्षक श्री भागवत हरित जी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया । कार्यक्रम का संचालन श्री ओमप्रकाश साहु ने किया । अंत में सभी को खिचड़ी भोग प्रसाद का वितरण किया गया।
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