फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय कौदकेरा में नवरात्रि के पावन पर्व पर 14 ब्रह्मकुमारी बहनों को नवदुर्गा के रूप में तिलक हार एवं चुनरी ओढ़कर सम्मान किया गया कार्यक्रम में सर्वप्रथम कौदकेरा सेवा केंद्र की सहप्रभारी बी के प्रेमलता बहन ने सभी बहनों को आत्मस्मृति का तिलक लगाकर आत्मिक स्वरूप में टिकने की प्रेरणा दी सेवा केंद्र के वरिष्ठ भाई बहनों के द्वारा सभी मुख्य बहनों का पुष्प हार एवं चुनरी ओढ़कर नव देवियों के रूप में सम्मान किया गया नन्ही बच्ची दामिनी एवं पलक बहन ने स्वागत एवं जस गीत गाकर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया तत्पश्चात सेवा केंद्र प्रभारी बीके तारिणी बहन ने नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य स्पष्ट करते हुए कहा की नवरात्रि का पर्व केवल दुर्गा पूजा का अवसर नहीं है बल्कि यह श्रद्धा शक्ति और साहस का प्रतीक भी है यह हमें सिखाता है कि चाहे कितनी भी बड़ी कठिनाइयां क्यों ना हो सच्चे मन से की गई मेहनत और परमात्मा प्रेम की लगन से हर बाधा को पार किया जा सकता है कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रही त्रिमूर्ति भवन नवापारा की प्रभारी राजयोगिनी बीके पुष्पा दीदी ने कहा कि भारत अध्यात्म प्रधान देश हैं जिनकी सभ्यता और संस्कृति काफी प्राचीन है जो कि हमारे त्यौहारों में झलकती हैं इन त्योहारों के पीछे बहुत गहरा जीवन जीने का रहस्य समाया हुआ है नवरात्रि पर अध्यात्म का संदेश है बुराइयों पर अच्छाई की जीत और जीवन को दिव्य शक्तियों से सशक्त करना नवरात्रि में विशेष शक्तियों का बोध होता है कार्यक्रम को फिंगेश्वर सेवाकेंद्र की संचालिका बीके उमा छुरा से बीके गायत्री खड़मा से बीके अंशु राजिम से बीके हेमा अभनपुर से बीके भगवती देवभोग से बीके बसंती श्याम नगर से बीके लीला गरियाबंद से बीके गीता एवं कोपरा सेवा केंद्र से बीके कुंती बहन ने भी संबोधित किया कार्यक्रम में कौदकेरा सहित आसपास के गांव के सैकड़ो भाई बहने उपस्थित रहे
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