फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष मनीष हरित ने छत्तीसगढ़ प्रदेश की भूपेश सरकार के किसान हितेषी होने के दावे पर कटाक्ष करते हुए कहां की प्रदेश में बैठी हुई कांग्रेस की सरकार घड़ियाली आंसू बहा कर किसानों को बेवकूफ बना रही है। आज उत्पादित अनाज को किसान सुसाइड जिओ के माध्यम से बिक्री करता है तो 1 सप्ताह के अंतर्गत एमएसपी के तहत मोटे अनाज का राशि 2040 एवं पतला अनाज की राशि 2060 केंद्र से प्राप्त होता है और राज्य सरकार की 2500 ₹ में खरीदने का ढिंढोरा पीटकर 1 एकड़ भूमि पर 15 क्विंटल धान खरीदी की अंतर राशि ₹6040 चार किस्तों में दे रही है उन्होंने सवालिया लहजे मैं कहां की जब केंद्र की सरकार एमएसपी की राशि एक मुस्त दे रही है तो राज्य की सरकार को भी अंतर की राशि को एक मुस्त देना चाहिए। श्री हरित ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल की 2 वर्ष का बकाया राशि को भी देने का वादा करके वर्तमान की कांग्रेस सरकार द्वारा अभी तक नहीं दिया गया है जो कि किसानों के साथ वादाखिलाफी के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सहकारिता एक ऐसी संस्था है जो किसानों के ऋण के समान है जहां से किसानों को उचित दाम में खाद बीज खरीदने एवं उत्पादित आज को बिक्री करने का अवसर व साधन सुनिश्चित होता है लेकिन काग्रेस की सरकार में सहकारिता के कर्मचारियों के साथ जो नाइंसाफी हो रहा है जहां उचित नहीं है अन्य संस्थाओं व विभिन्न भक्तों का लाभ दे रही है जबकि सहकारिता की कर्मचारी से वंचित है। और विगत 10 दिनों पर हड़ताल पर है प्रदेश सरकार को चाहिए कि उक्त सुविधा सहकारिता के भी कर्मचारियों को मिले लेकिन प्रदेश में सत्तासीन कांग्रेस की सरकार नहीं चाहती कि किसानों व सहकारिता के कर्मचारियों का भला हो। श्री हरीत ने कहा कि कांग्रेस सरकार का रवैया सहकारिता के कर्मचारियों के प्रति नहीं बदला तो समय आने पर सहकारी कर्मचारी की इनके लिए घातक होंगे।
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