ग्रामीणों का कौशल उन्नयन कर उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से जोड़े
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में लघु उद्योग, स्वरोजगार एवं कौशल उन्नयन से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बैठक में उद्योग, अंत्यावसायी, खादी ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प, हथकरघा, एनआरएलएम एवं एनयूएलएम विभाग में संचालित योजनाओं की जानकारी ली। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने हस्तशिल्प विभाग के माध्यम से जिले में निवासरत अधिक से अधिक जनजाति सदस्यों को बांसशिल्प एवं गोदना कला का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से जोड़ने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि कमार जनजाति सदस्यों को बांस से निर्मित विभिन्न उत्पादों के निर्माण की विस्तृत प्रशिक्षण दी जाए। साथ ही प्रशिक्षण पश्चात बांस से निर्मित कलात्मक उत्पादों की बिक्री एवं विपणन भी सुनिश्चित की जाए, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीणों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। कलेक्टर ने शिल्पकारों के पंजीयन एवं उन्हें आवश्यक उपकरण, औजार के वितरण की भी जानकारी ली। उन्होंने उद्योग विभाग अंतर्गत चल रहे योजनाओं एवं औद्योगिक नीति के तहत हितग्राहियों को दिये जा रहे सुविधाओं आदि के बारे में जानकारी ली। इस दौरान बैठक में उद्योग, अंत्यावसायी, खादी ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प, हथकरघा, एनआरएलएम एवं एनयूएलएम विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।
कलेक्टर ने हस्तशिल्प, हथकरघा, उद्योग एवं अंत्यावसायी विभाग की समीक्षा बैठक में दिये निर्देश
बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने खादी ग्रामोद्योग के अंतर्गत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पंजीकृत एवं लाभान्वित हितग्राहियों के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने हथकरघा विभाग के तहत बुनकरों को स्वरोजगार के लिए दिये जा रहे बुनकर प्रशिक्षण एवं उनकी स्वरोजगार स्थापना के कार्य योजना के बारे में भी जानकारी ली। हथकरघा विभाग के अधिकारी ने बताया कि फिंगेश्वर में नवीन बुनाई इकाई के तहत ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर ने प्रशिक्षण पश्चात हथकरघा उत्पादों के उत्पादन एवं उनकी बिक्री भी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये। साथ ही बुनकरों को दिये जाने वाले सहायता, अनुदान एवं रिवाल्विंग फंड की भी जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी रोजगार मिशन के तहत चल रहे विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने स्वसहायता समूह के गठन एवं एसएचजी को शासन की ओर से प्रदान किये जा रहे ऋण, सामुदायिक कोष सहायता एवं बैंक क्रेडिट लिंकेज के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने नगरीय निकायों में एनयूएलएम के तहत किये जा रहे गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने स्ट्रीट वेंडरों के चिन्हांकन, उनको जारी किये गये आईडी कार्ड एवं पीएम स्व-निधि योजना के तहत प्रदान किये गये लोन सहायता की भी जानकारी ली।
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