जिला खनिज न्यास निधि मद से लगाया जाना था तीस नग सोलर स्ट्रीट लाइट

पूरे पंचायत में कही भी नही लगाया गया सोलर लाइट

फर्जी बिल वाउचर फर्जी माप पुस्तिका भरकर कर दिया फर्म को भुगतान

आरटीआई से हुआ पूरे मामले का खुलासा

सरपंच सचिव को जानकारी नहीं और एजेंसी ग्राम पंचायत को बना दिया गया

अंतागढ़ (गंगा प्रकाश)। सालों से, खदानों से खनन कंपनियों और सरकारों को लाभ मिलता आया है न कि वहा रहने वाले समुदायों को। खनन के कारण, लोगों को न सिर्फ अपनी जमीन से विस्थापित होना पड़ रहा है, बल्कि

समाज का विखंडन, आजीविका का नुक़सान और प्रदूषण जैसे नकारात्मक प्रभाव को भी झेलना पड़

रहा है। उन्हें इन सब के बदले उचित मुआवजा भी नहीं मिलता है। यही वजह है कि खनन प्रभावित जिलों की सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरण की स्थिति दयनीय है।

इसे देखते हुए सरकार ने डीएमएफ अर्थात जिला खनिज न्यास निधि का गठन किया जो लोगों को खनन से लाभ दिलाने का वाहक बने, इसकी स्थापना खनन-प्रभावित क्षेत्रों के समुदायों एवं लोगों की सेवा सुनिश्चित

करने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर की गई है, किंतु कांकेर जिले के अंतागढ़ में जिला खनिज न्यास निधि ठेकेदारों बिचौलियों से लेकर जनप्रतिनिधियों के विकास में मुख्य भूमिका निभा रही है और खनन प्रभावित लोगों की स्थिति और दयनीय हो रही है।

मामला है अंतागढ़ ब्लाक के ग्राम बोंदानार पंचायत का जिसमे जिला खनिज न्यास निधि से सोलर लाइट स्थापना वर्ष 2021-22 में कराई गई जो सिर्फ कागजों में ही बनाकर पूरा कर भुगतान संबंधित एजेंसी को कर दिया गया। आरटीआई से निकाली जानकारी में जब मामले का खुलासा हुआ तो पूरा मामला चौकाने वाला था।

जिला खनिज न्यास निधि उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा ग्राम बोंदानर में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने प्रशासकीय स्वीकृति आदेश क्रमांक/10979/कले./डीएमएम/प्रशा. स्वी./2021-22/कांकेर दिनांक 05.01.2022 को जनपद पंचायत अंतागढ़ को दिया गया, इस कार्य हेतु जनपद पंचायत अंतागढ़ के तत्कालीन मुख्यकार्यपालन अधिकारी पी.आर.साहू ने पत्र क्रमांक 2524/ज. पं/निर्माण/2021-22 के माध्यम से सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापना हेतु ग्राम पंचायत बोंदानार को एजेंसी नयुक्त किया गया जिसमे तीस नग सोलर लाइट जिसकी कीमत 14,40000 थी ,व्यय किए जाने थे।

मामले का खुलासा आरटीआई से निकाली गई जानकारी से हुई

जब आरटीआई से अंतागढ़ ब्लाक में डीएमफ मद से कराए गए कार्यों की सूची जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत से मांगी गई और ग्राम बोंदानर में जाकर सोलर लाइट स्थापना के विषय में जानकारी ली गई तो ग्राम पंचायत के जन सूचना अधिकारी एवं सचिव ने लिखित जानकारी दी की उनके द्वारा या किसी अन्य एजेंसी द्वारा ग्राम बोंदानार सहित पंचायत के किसी अन्य आश्रित गांव में कोई सोलर स्ट्रीट लाइट नहीं लगाया गया है।

जब गांव में स्वयं जाकर संवाददाता द्वारा देखा तो सिर्फ तीन स्ट्रीट लाइट जिसे बीएसएफ द्वारा लगाया गया है वो ही नजर आया, उसके अलावा पूरे बोंदानार सहित किसी अन्य आश्रित गांव में किसी प्रकार का स्ट्रीट लाइट स्थापना का कार्य नही किया गया है।

ऑफिस में बैठकर ही पेपर में लगा दिया सोलर स्ट्रीट लाइट

सूचना के अधिकार से मांगी गई जानकारी में पेपर वर्क पूर्ण किए गए हैं जिसमें पेपर में भौतिक सत्यापन का कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के उप अभियंता किशोर  ध्रुव द्वारा किया गया है, वही मजे की बात यह है कि इन स्ट्रीट लाइट के खंभों के जियोटेक वाली फोटो में सोलर लाइट की अनुशंसा सांसद मोहन मंडावी द्वारा कराए जाने की बात लिखी गई है। 

बोरवेल एवं कंस्ट्रक्शन के नाम से दो किश्तों में किया गया भुगतान

पूरे फर्जीवाड़ा के दस्तावेजों में कही भी सरपंच सचिव के हस्ताक्षर नहीं हैं जबकि एजेंसी ग्राम पंचायत बोंदानार को बनाया गया था, इस कार्य में जो किया ही नहीं गया उसके लिए आर बी ड्रिलर एंड कंस्ट्रक्शन केशकाल को प्रथम किश्त चेक क्रमांक 817902 द्वारा सात लाख का भुगतान दिनांक 06/01/2022 में किया गया जबकि बाकी का भुगतान 24/01/2022 को कर दिया गया।

इस विषय में जिला पंचायत कांकेर के मुख्यकार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल ने कहा की जहां भी ऐसे कार्य हुए हैं वहां विभागीय जांच कराई जाएगी, और मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित दोषी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा

जबकि इस विषय में भौतिक मूल्यांकन करने वाले लोक सेवा यांत्रिकी विभाग के उप अभियंता युगल ध्रुव से इस विषय में बात की गई तो पहले तो उन्होंने इस बात से इंकार कर दिया जब मापपुस्तिका की कॉपी भेजी गई तो उन्हे याद आया और उन्होंने कुछ देर बाद कॉल करने के बात कहकर फोन काट दिया

जिओटेक वाली फोटो में सांसद मोहन मंडावी द्वारा अनुशंसा किए जाने के सवाल पर सांसद मोहन मंडावी ने कहा की मैने ग्राम पंचायत बोंदानार के लिए ऐसी कोई अनुशंसा नही की है,उन्होंने कहा की इस भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार जो है उनपर कार्यवाही होनी चाहिए

जाहिर सी बात है ऐसे खुले आम भ्रष्टाचार का होना ऊपर से नीचे तक मिलीभगत के बिना संभव नहीं है, अंतागढ़ क्षेत्र में जिला खनिज न्यास निधि से करोड़ों के भ्रष्टाचार होने की खबरे लगातार आ रही हैं बावजूद इसके संबंधित कार्येजेंसियों पर कोई कार्यवाही ना होना इन बिचौलियों के ऊपर किसी बड़े ओहदेदार का हाथ है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता।

जाहिर है ऐसे लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के मामले भाजपा को एक मुद्दा दे रहे हैं जबकि विधान सभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।


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