फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भाव सिंह साहू ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को प्रदेश के नेताओं पर भरोसा नहीं। भाजपा संगठन में कई गुट है कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है। जनता का समर्थन खो चुके हैं इसलिए संगठन से लेकर चुनाव की सारी जिम्मेदारियों को प्रदेश के बाहर से नेता भेजकर पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को स्थानीय नेताओं पर भरोसा नहीं है। इसलिए माथुर मडविया को चुनाव प्रभारी बनाया गया है। पहली बार चुनाव अभियान की कमान प्रदेश के बाहर के नेताओं को मिली है। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल सारे अपनी विश्वासनियता खो चुके हैं। यह खुद की दावेदारी सुरक्षित रखने संघर्ष कर रहे हैं। राज्य के बाहर के लोगों को चुनाव प्रभारी बनाया जाना छत्तीसगढ़ के नेताओं की अयोग्य को दिखाती है। भाव सिंह साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा में भी रमन सरकार को खासमखास सीपहसालार से लेकर उस दौर में कद्दावर और ताकतवर मंत्री माने जाने वाले कई मठाधीश नेताओं को मंच से उतारा गया। उसकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भाव सिंह साहू ने कहा कि 15 साल के रमन सरकार के दौरान पूरे प्रदेश की जनता हताश और परेशान थी। हर विभाग में हर योजना में कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार का छत्तीसगढ़ की वन संपदा खजाने को लूटना भाजपा का मकसद रहा है। और यही आरएसएस भाजपा और उनके अनुषांगिक संगठन रमन सिंह के चेहरा को लेकर रोज कसीदे चीजें पढ़ते थे और विकास पुरुष बताते थे। श्री साहू ने कहा कि 15 साल से सत्ता के बाद जब भाजपा 15 सीट में सिमट गई और आज 2023 का चुनाव नजदीक आ गया तब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व रमन सरकार के दौरान के भ्रष्ट नेताओं से किनारा करने के लिए अपनी जिम्मेदारी से भागने के लिए अब केंद्रीय नेताओं को छत्तीसगढ़ भेज रहे हैं।
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