अरविन्द तिवारी 

रायपुर (गंगा प्रकाश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ लोक सेवा , अनुसूचित जातियों , अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिये आरक्षण संशोधन विधेयक 2022 के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके साथ छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था में प्रवेश में आरक्षण संशोधन विधेयक के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

विधानसभा के आगामी विशेष सत्र में आरक्षण संशोधन विधेयक को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पेश करेंगे। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिये 32 प्रतिशत , अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिये चार फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा मंत्रिपरिषद की बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास से संपादित अधोसंरचना के कार्यों पर व्यय हेतु न्यास निधि में प्राप्त राशि से निश्चित प्रतिशत राशि के बंधन से मुक्त किये जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान नियम 2015 में संशोधन किये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत् डीएमएफ के अन्य प्राथमिकता मद में उपलब्ध राशि का 20 प्रतिशत सामान्य क्षेत्र में तथा 40 प्रतिशत अधिसूचित क्षेत्र में व्यय किये जाने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है , इससे अधोसंरचना के कार्य को गति मिलेगी जिससे प्रदेश में सामाजिक एवं आर्थिक विकास तेजी से होगा। नवीन मछली पालन नीति में संशोधन किये जाने के विभागीय आदेश का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। अब मछली पालन के लिये तालाब/जलाशय की नीलामी नहीं होगी बल्कि तालाब/जलाशय दस वर्ष के लीज पर दिये जायेंगे। तालाब/जलाशय के पट्टा आबंटन में सामान्य क्षेत्र में ढीमर , निषाद , केंवट , कहार , कहरा , मल्लाह के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जायेगी। इसी तरह अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जायेगी। संशोधन प्रस्ताव के अनुसार ग्रामीण तालाब के मामले में अधिकतम एक हेक्टेयर के स्थान पर आधा हेक्टेयर तथा सिंचाई जलाशय के मामले में चार हेक्टेयर के स्थान पर दो हेक्टेयर प्रति सदस्य/प्रति व्यक्ति के मान से जल क्षेत्र आबंटित किये जाने का प्रावधान किया गया है। मछली पालन के लिये गठित समितियों का आडिट अब सहकारिता एवं मछली पालन विभाग की संयुक्त टीम करेगी। राज्य शासन छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ एवं निजी निवेशकों के मध्य सम्पादित त्रिपक्षीय एमओयू के आधार पर स्थापित वनोपज आधारित उद्योगों द्वारा जो उत्पाद निर्माण किये जायेंगे। छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के अंतर्गत चालीस प्रतिशत की छूट के साथ क्रय करते हुये संजीवनी एवं अन्य माध्यमों से विक्रय हेतु शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के फलस्वरूप उन उद्योगों को जो वनोपज आधारित उत्पादों का निर्माण करना चाहते हैं उनको बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हर्बल के अंतर्गत अच्छी क्वालिटी के उत्पादों का विक्रय हो सकेगा। द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2022-23 का विधानसभा में उपस्थापन के लिये छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2022 का अनुमोदन किया गया। ग्राम सेरीखेड़ी रायपुर पटवारी हल्का नम्बर 77 में स्थित शासकीय भूमि 9.308 हेक्टयर भूमि का आबंटन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन साधारण प्रकृति के प्रकरणों को जनहित में वापस लिये जाने के लिये निर्धारित अवधि 31 दिसंबर 2017 को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2018 करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान राशि 70 करोड़ से बढ़ाकर 110 करोड़ किये जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। भारत सरकार के संशोधन के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 06 क्रमांक 04 में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रस्तुत संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।


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