अरविन्द तिवारी

जयपुर (गंगा प्रकाश)- हमारा लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा व जीवंत लोकतंत्र है। हमारे इस महान लोकतंत्र का आधार हमारा संविधान है। इस समारोह में भाग लेकर संविधान निर्माताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर मुझे मिल रहा है। 

                             उक्त बातें महामहिम राष्ट्रपति ने आज राजभवन में नवनिर्मित संविधान पार्क का उद्घाटन करते हुये कही। संविधान में हुये 105 संशोधनों का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि इस प्रकार से हमारा संविधान एक जीवंत दस्तावेज है जो समय के साथ बदलती हुई जनमानस की आशाओं व आकांक्षाओं को सम्माहित करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा हमारे संविधान में समानता का अधिकार दिया गया है। समानता तथा महिला सशक्ति के संदर्भ में राजस्थान के एक महत्वपूर्ण योगदान को मैं रेखांकित करना चाहूंगी। महामहिम ने कहा कि बाल विवाह को समाप्त करने के वास्ते एक अधिनियम तैयार करने में राजस्थान के हरविलास शारदा का महत्वपूर्ण योगदान है और इस प्रकार राजस्थान का इतिहास महिलाओं की गरिमा व सशक्तीकरण का इतिहास भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि संविधान उद्यान में स्थापित प्रतीकों में सम्माहित उच्च आदर्शों से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेंगी। उन्होंने कहा मैं समझती हूं कि इस संविधान उद्यान के निर्माण का मुख्य उद्देश्य संविधान के आदर्शों के प्रति जागरुकता बनाये रखना है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण उद्देश्य है जो हमारे देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाये रखने की दिशा में बड़ा प्रयास है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि पृथ्वीराज चौहान ,राणा सांगा , महाराणा प्रताप ,मेजर शैतान सिंह और कारगिल युद्ध के दौरान शहीद जवानों ने यहां की वीरतायें और बलिदान की गाथायें लिखी है। पन्नाधाय और भामाशाह की मिसाल पहले भी दी जाती रही है और आगे भी दी जाती रहेगी। इस मौके पर राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि संविधान पार्क का शिलान्यास 26 जनवरी 2022 को किया गया। जयपुर स्मार्ट सिटी के तहत जेडीए ने इसका निर्माण एक वर्ष से भी कम अवधि में किया , इसके लिये मैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि जब मैं राजस्थान में राज्यपाल बना तो मैने विश्व विद्यालय में संविधान पार्क की परिकल्पना रखी। युवाओं और विद्यार्थियों को संविधान के प्रति भावना उत्पन्न हो , इसलिये मैं किसी भी कार्यक्रम में भाग लेता हूं तो वहां पर संविधान की प्रस्तावना और मूल कर्तव्य का वाचन करवाता हू। विधानसभा में भी मैंने संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्य के वाचन की परंपरा डाली है। मैं आशा करता हूं कि भविष्य में भी यह परम्परा जारी रहेगी। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि आप देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति है और संयोग से जो पहली राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील थीं वो इसी राजभवन में राज्यपाल रह कर गई थीं। संविधान ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री और दो महिला राष्ट्रपति दी है। राजभवन में यह संविधान पार्क हमारे राज्यपाल कलराज मिश्र की सोच है , वे जिस भी कार्यक्रम में जाते हैं संविधान की प्रस्तावना का पठन करवाते हैं। उनकी भावना है कि संविधान की मूल भावना आमजन तक पहुंचे। देश में संभवत यह पहला राजभवन है , जहां यह संविधान पार्क बना है और आमजन के लिये खुलेगा तो एक अच्छा मैसेज जायेगा। मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति महोदया ने इसका अवलोकन किया है तो वह इसे अवश्य प्रभावित हुई होंगी।

                       गौरतलब है कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय राजस्थान दौरे  पर आज जयपुर पहुंची। भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से जयपुर एयरपोर्ट के स्टेट हैंगर पहुंचने पर राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मुख्य सचिव ऊषा शर्मा और डीजीपी उमेश मिश्रा भी मौजूद रहे। स्टेट हैंगर पर ही राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद राष्ट्रपति काफिले का पहला ठहराव अमर जवान ज्योति स्मारक पर रहा , जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इसके बाद वे राजभवन पहुंची , जहां राजस्थानी परंपरा से उनका स्वागत किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने राजभवन में स्थापित मयूर स्तम्भ , फ्लैग पोस्ट , गांधी प्रतिमा एवं महाराणा प्रताप की घोड़े चेतक के साथ विश्रान्ति मुद्रा में स्थापित प्रतिमा का अवलोकन करने के बाद फीता काटकर नवनिर्मित संविधान पार्क का लोकार्पण किया और रिमोट बटन दबाकर शिला पट्टिका का भी अनावरण किया। इस दौरान राष्ट्रपति को संविधान पार्क की थीम पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। पार्क के वास्तुकार अनूप बरतरिया ने राष्ट्रपति को पार्क के बारे में विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल कलराज मिश्र ने राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने बीकानेर में 1000 मेगावाट सोलर परियोजना और 8.9 गीगावाट सोलर पावर परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने कार्यक्रम के बाद कथौडी और सहरिया आदिवासी समूह के साथ संवाद भी किया। उन्होंने इस दौरान उनसे संवाद करते हुये उनकी रोजमर्रा की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जनजातीय समुदाय के लोगों को कम उम्र में बच्चों का विवाह नहीं करने तथा बालिकाओं की शिक्षा पर अधिक ध्यान देते हुये उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिये भी आह्वान किया। राष्ट्रपति ने मुख्य सचिव उषा शर्मा और अन्य अधिकारियों को आदिवासी क्षेत्रों में जन कल्याण से जुड़ी योजनाओं का व्यवहार में क्रियान्वयन किये जाने के लिये निर्देश भी दिये।

शांति के अग्रदूत की भूमिका निभा रहा भारत – राष्ट्रपति मुर्मू 

जयपुर के बाद राष्ट्रपति ने माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा  कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के साथ-साथ विश्व में शांति के अग्रदूत की भूमिका भी निभा रहा है। उन्होंने कहा युद्धों और कलह के वातावरण में विश्व समुदाय समाधान के लिये भारत की ओर देख रहा है। अनिश्चितता के इस दौर में अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के साथ-साथ , भारत विश्व में शांति के अग्रदूत की भूमिका भी निभा रहा है।राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अपनी संस्कृति व परंपरा के अनुरूप हमारा देश अध्यात्म व नैतिकता पर आधारित विश्व व्यवस्था के निर्माण हेतु सक्रिय है। भगवान बुद्ध , भगवान महावीर , आदि शंकराचार्य , गुरू नानक देव , संत कबीर व महात्मा गांधी की शिक्षाओं ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है।


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