गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। चुनाव के कारण लगभग बंद हो गई सवारी बसों का संचालन मतदान संपन्न होने के बाद रविवार से प्रारंभ हो गया है। दूर-दराज व अन्य दूरस्थ जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। त्यौहार मनाने के लिए घर आए अन्य राज्य के लोगों को बस नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दूसरे चरण के मतदान के चलते यात्री बसों के सड़कों से गायब होते ही ऑटो चालकों ने जमकर चांदी काटी। चुनाव के लिए बसों को अधिग्रहित करते ही ऑटो चालक दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से लेकर दूसरे शहर तक सवारियों को लेकर गए। वहीं भीड़ देखकर यात्रियों से जमकर वसूली की गिनती के बस चलने और भारी भीड़ के चलते यात्रियों ने मजबूरी में ऑटो से सफर किया। फिंगेश्वर मार्ग से लगभग 70-80 बसें मतदान कर्मी और सुरक्षाबलों के लिए अधिग्रहित की गई थी। दीपावली के बाद से ही यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पांच दिनों तक यात्री परेशान रहे। छुटपुट छोटी मिनी बसें ही चलीं। इसमें खचाखच भीड़ होने से भी लोग परेशान रहे। लगभग पांच दिन बाद बसों के नहीं चलने से सड़कें सुनसार थी। बसों में रायपुर इलाज कराने जाने वाले ग्रामीणों को काफी दिक्कत हुई। प्राइवेट वाहन भी अधिग्रहित होने से लोगों को कार भी आसानी से नहीं मिल रही थी। मतदान की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद बसें सड़क पर दौड़ने लगी है। दीपावली के बाद से सड़कों पर चहल-पहल काफी कम थी। दोपहिया व चार पहिया वाहन भी काफी कम चल रहे थे और दुकानें भी ज्यादातर बंद थी लेकिन शनिवार से ज्यादातर दुकानें खुली रही और सड़कों पर भी काफी चहल-पहल दिखाई दी। सब्जी बाजार में भी काफी भीड़ रही। बस स्टैंड में पिछले पांच दिनों से सन्नाटा पसरा था। 14 नवंबर से ही बसें चुनाव के लिए खड़ी हो गई थी। इसके कारण बस स्टैण्ड के आसपास की दुकानें भी बंद थी। शनिवार को ज्यादातर बसें शुरू रही और विभिन्न मार्गो पर जाने वाले यात्री भी बड़ी संख्या में पहुंचे। मिनी बस एसोसिएशन के संचालक ने बताया कि लगभग सभी बसें सड़क पर चलनी शुरू हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों की ओर भी बसें चलना प्रारंभ हो गई है। छुरा और राजिम क्षेत्र की ओर मिनी बस गई हुई है। रायपुर मार्ग से भी आने वाली बसों का संचालन शुरू हो गया है। सोमवार से बसों का आना जाना नियमित होने लगेगा।
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