इन लोगों को भूलकर भी नहीं छूनी चाहिए मूंगफली
अगर आप नीचे दी गई श्रेणियों में आते हैं, तो मूंगफली खाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें:
- एलर्जी के शिकार लोग: मूंगफली से होने वाली एलर्जी सबसे घातक मानी जाती है। इसे खाने के बाद अगर शरीर पर चकत्ते, खुजली या सांस लेने में तकलीफ होती है, तो यह ‘एनाफिलेक्टिक शॉक’ का संकेत हो सकता है।
- हाई ब्लड प्रेशर के मरीज: बाजार में मिलने वाली सॉल्टेड मूंगफली में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। यह बीपी को अचानक बढ़ाकर स्ट्रोक का खतरा पैदा कर सकती है।
- वेट लॉस मिशन पर निकले लोग: मूंगफली में हेल्दी फैट होता है, लेकिन 100 ग्राम मूंगफली में लगभग 567 कैलोरी होती है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो इसकी मुट्ठी भर मात्रा भी आपका डाइट चार्ट बिगाड़ सकती है।
- जोड़ों के दर्द और सूजन वाले मरीज: मूंगफली में ओमेगा-6 फैटी एसिड की अधिकता होती है। शरीर में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 का असंतुलन इन्फ्लेमेशन (सूजन) बढ़ाता है, जिससे गठिया और जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है।
- मिनरल्स की कमी वाले लोग: मूंगफली में फाइटिक एसिड पाया जाता है। यह शरीर में जिंक, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम को सोखने की प्रक्रिया में बाधा डालता है।
क्या कहता है आयुर्वेद और विज्ञान?
विज्ञान के अनुसार, मूंगफली की तासीर गर्म होती है। अधिक सेवन से पेट में गैस, एसिडिटी और आंतों में जलन की समस्या हो सकती है। वहीं, आयुर्वेद में इसे कफ और पित्त बढ़ाने वाला माना गया है।
अगला कदम: कैसे खाएं सुरक्षित मूंगफली?
अगर आप स्वस्थ हैं और मूंगफली खाना चाहते हैं, तो इसे कच्चा या नमक के साथ खाने के बजाय रात भर भिगोकर खाएं। इससे फाइटिक एसिड का असर कम होता है और पाचन आसान हो जाता है। दिन भर में एक छोटी मुट्ठी (लगभग 25-30 ग्राम) से ज्यादा सेवन न करें।
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