रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज द्वारा आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने महान जनजातीय नायक और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने नया रायपुर में शहीद गैंदसिंह के नाम पर चौक के नामकरण और मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव और बस्तर जिले के भानपुरी व करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण के लिए प्रत्येक स्थान हेतु 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की, साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण और चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार का ऐलान भी किया
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय क्रांतियों की साक्षी रही है और 1857 से पहले ही यहां आजादी की लड़ाई की चिंगारी जल चुकी थी, जिसमें शहीद गैंदसिंह जैसे वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिनके योगदान को लंबे समय तक इतिहास में वह सम्मान नहीं मिला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय नायकों को राष्ट्रीय पहचान मिली और नया रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम इसका जीवंत प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा के विस्तार, बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे और मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जनजातीय समाज छत्तीसगढ़ की आत्मा है और उसके गौरव, सम्मान व विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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