भाईचारा बढ़ाने के लिए उठाया सख्त कदम: शराब पर भी पाबंदी
मेढ़की गांव के लोग लंबे समय से छोटी-छोटी बातों पर होने वाली कलह से परेशान थे। ग्रामीणों का मानना है कि ‘चुगली’ के कारण ही गांव में व्यक्तिगत और सार्वजनिक विवाद बढ़ते हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके अलावा, गांव की समिति ने शराब सेवन और अवैध बिक्री को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि गांव के अनुशासन को तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- भड़काने वालों पर नजर: सार्वजनिक स्थानों पर किसी की निजी चर्चा या निंदा करने पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
- दंड का प्रावधान: पहली बार पकड़े जाने पर ही 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।
- सामूहिक अनुशासन: शराब पीकर हंगामा करने वालों पर भी भारी जुर्माना तय किया गया है।
“गांव में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए यह फैसला बहुत जरूरी था। अक्सर देखा गया है कि चुगली की वजह से अच्छे-भले परिवारों के बीच विवाद पैदा हो जाता है। दंड का डर रहेगा तो लोग व्यर्थ की बातों के बजाय अपने काम और प्रेम-भाव पर ध्यान देंगे।”
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