धमतरी। धमतरी जिला के नगरी ब्लाक के सीतानदी अभ्यारण्य से सटे ग्राम गाताबाहरा में रविवार की शाम वह पल आया, जिसने पूरे गांव को खामोशी और खौफ में डुबो दिया। घर के आंगन में दोस्तों संग खेल रहा तीन वर्षीय देवेश कुमार मरकाम किसी को कुछ समझ आने से पहले ही अचानक ओझल हो गया। कुछ ही देर में मासूम की खिलखिलाहट मातम में बदल गई।
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परिजन पहले इसे बच्चों की शरारत समझते रहे, लेकिन जब काफी देर तक देवेश नहीं मिला तो गांव में अफरा-तफरी मच गई। हर आंगन, हर पगडंडी और हर आवाज़ में देवेश को तलाशा गया। उम्मीदें तब टूटीं जब गांव से कुछ दूर जंगल में उसका नन्हा सा शव मिला। कपड़ों से पहचान हुई और चेहरे पर मिले गहरे जख्मों ने सबको स्तब्ध कर दिया। ग्रामीणों का मानना है कि जंगलों जानवर ही मासूम को उठा ले गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, डीएफओ सहित मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और अगले दिन पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
देवेश के माता-पिता रोशन मरकाम और संगिता मरकाम का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में चूल्हे नहीं जले, आंगन सूने रहे और हर आंख नम रही। सीतानदी अभ्यारण्य से लगे इस गांव में अब बच्चों को बाहर खेलने भेजने से लोग डर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे इलाकों में इंसान और वन्यजीवों के टकराव की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों में दहशत के साथ आक्रोश भी है और वे वन विभाग से तत्काल ठोस सुरक्षा इंतजाम की मांग कर रहे हैं, ताकि किसी और घर का आंगन फिर कभी मातम में न बदले।
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