गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। पंजीयन में सुधार करवाने का आज 25 नवंबर अंतिम दिन होने के कारण तहसील कार्यालय में दिन भर कृषकों की काफी भीड़ रही। धान बेचने कृषकों को इस तरह परेशान होने पर नगर पंचायत के पार्षद पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने शासन से मांग की है कि एग्रीस्टैक पंजीयन में किसानों को आ रही दिक्कतों को देखते हुए पंजीयन की तिथि आगे बढ़ाई जाए। साथ ही धान बेचने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य निर्माण के बाद से कभी भी इस तरह से किसानों को अपनी उपज बेचने परेशान नहीं किया गया। तहसील दफ्तर में किसानों की भीड़ देखकर श्री चंद्राकर ने तहसीलदार से इस समस्या को लेकर चर्चा भी की। इस पर तहसीलदार का कहना था कि उन्होंने अपना काम कर दिया है। अब जो भी त्रुटि सामने आ रही है, वह सर्वर व पोर्टल की समस्या है, इसे एनआईसी रायपुर द्वारा ही समाधान किया जा सकता है। श्री अनिल चंद्राकर ने कहा तहसीलदार द्वारा जो बाते कही गई उससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार जान बूझकर किसानों को धान बेचने से वंचित करना चाहती है। अन्नदाताओं की इस प्रमुख समस्या पर ना ही शासन गंभीर है और ना ही चुने हुए जनप्रतिनिधि को कोई सरोकार दिख रहा है। किसान चक्कर पे चक्कर काट रहे हैं और ये जनप्रतिनिधि है कि एग्रीस्टैक पंजीयन की समस्या के समाधान को लेकर शासन प्रशासन को पत्राचार तक करने की जरूरत नहीं समझ रहें। उन्होंने कहा कि किसानों की एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। पंजीयन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन इसमंे कई तकनीकी खामियां होने की वजह से किसान परेशान है। नगर पंचायत पार्षद एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने कहा कि शामिलात खाते वाले किसानों के अलग अलग नाम से पंजीयन नहीं हो रहा है। जिनकी कृषि जमीन की खरीदी बिक्री साल दो साल में हुई है, उनका पोर्टल में पंजीयन नहीं हो रहा है। जमीन का खसरा नंबर डालने पर पिता या पिता के स्थान पर दूसरे का नाम दिखा रहा है। इन सभी दिक्कतों की वजह से किसानों को अब धान खरीदी केंद्र से लेकर पटवारी व तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आज का दिन ही शेष है ऐसे में किसान समय पर इस पोर्टल में पंजीयन नहीं कराएंगे तो वह इस साल धान नहीं बेच पाएंगे। स्थानीय तहसील दफ्तर में सैकड़ों किसान पंजीयन कराने पहुंचे थे। लेकिन, तकनीकी खामियों के कारण उनका पंजीयन नहीं हो पा रहा है। श्री चंद्राकर ने पंजीयन की तिथि 15 दिसंबर करने और जनप्रतिनिधियों से किसानों की समस्या सुलझाने सामने आने की अपील की है।
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