Apple iOS 26.3 Update— एपल ने अपने नए सॉफ्टवेयर अपडेट iOS 26.3 के जरिए आईफोन यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है। इस अपडेट के बाद अब यूजर्स मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर्स (कैरियर) द्वारा की जाने वाली लोकेशन ट्रैकिंग को अपनी मर्जी से कंट्रोल या लिमिट कर पाएंगे। फिलहाल यह फीचर ग्लोबल लेवल पर चुनिंदा ऑपरेटर्स के साथ लाइव हुआ है, लेकिन प्राइवेसी के लिहाज से इसे आईफोन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Apple iOS 26.3 Update: अब मोबाइल कंपनियां नहीं कर सकेंगी मनमानी लोकेशन ट्रैकिंग, प्राइवेसी पर मिला बड़ा कंट्रोल
लोकेशन डेटा पर यूजर्स की बढ़ेगी पकड़: क्या है नया अपडेट?
अक्सर मोबाइल नेटवर्क कंपनियां टावर सिग्नल और सिम डेटा के जरिए यूजर्स की लोकेशन को ट्रैक करती हैं। MacRumors की रिपोर्ट के मुताबिक, iOS 26.3 में एप्पल ने एक ऐसी सेटिंग दी है जिससे इस ट्रैकिंग को सीमित किया जा सकता है। वर्तमान में अमेरिका में बूस्ट मोबाइल (Boost Mobile), जर्मनी में Telekom और थाईलैंड में AIS व True के सब्सक्राइबर्स इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
इस फीचर के लिए हार्डवेयर की शर्त भी रखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह केवल उन्हीं आईफोन्स में काम करेगा जिनमें एप्पल के लेटेस्ट C1 या C1X मॉडेम चिप का इस्तेमाल हुआ है। इसका मतलब है कि पुराने मॉडल्स पर शायद यह फीचर नजर न आए।
यूरोप में थर्ड-पार्टी स्मार्टवॉच का रास्ता साफ
प्राइवेसी के साथ-साथ एप्पल ने अपने इकोसिस्टम को भी थोड़ा लचीला बनाया है। यूरोपीय संघ (EU) के नियमों के बाद, एप्पल ने अब यूरोप में थर्ड-पार्टी वीयरेबल्स (स्मार्टवॉच और हेडफोन) के लिए सपोर्ट इनेबल कर दिया है। अब यूजर्स को गैर-एप्पल स्मार्टवॉच कनेक्ट करने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा।
- वन-क्लिक कनेक्शन: थर्ड-पार्टी एक्सेसरीज अब सिर्फ एक क्लिक में आईफोन से जुड़ सकेंगी।
- नोटिफिकेशन सिंक: अब यूजर्स को आईफोन पर आने वाले मैसेज और कॉल्स के अलर्ट्स उनकी थर्ड-पार्टी स्मार्टवॉच पर भी मिलेंगे।
- बैटरी लाइफ: एप्पल ने कनेक्टिविटी को ऑप्टिमाइज किया है ताकि अन्य कंपनियों की वॉच इस्तेमाल करने पर आईफोन की बैटरी ज्यादा खर्च न हो।
विशेषज्ञों की राय और प्राइवेसी का मुद्दा
“कैरियर लेवल पर लोकेशन डेटा को ब्लॉक करना यूजर्स की डिजिटल सुरक्षा के लिए एक गेम-चेंजर तो नहीं, लेकिन एक जरूरी सुधार है। यह फीचर विज्ञापनदाताओं और डेटा ब्रोकर्स के पास जाने वाली सटीक जानकारी को रोकने में मदद करेगा।”
— टेक एनालिस्ट, साइबर सिक्योरिटी सेल
भारतीय यूजर्स के लिए क्या है इसका मतलब?
फिलहाल भारत के प्रमुख ऑपरेटर्स जैसे Jio, Airtel या Vi ने इस फीचर के सपोर्ट की घोषणा नहीं की है। चूंकि यह फीचर अभी शुरुआती चरण में है और कुछ ही देशों में रोलआउट हुआ है, भारतीय यूजर्स को कैरियर लोकेशन लिमिट फीचर के लिए अगले माइनर अपडेट का इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, थर्ड-पार्टी एक्सेसरीज सपोर्ट वाले फीचर्स भविष्य में ग्लोबल स्टैंडर्ड बन सकते हैं।
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