नई दिल्ली। भारतीय सेना ने सोशल मीडिया को लेकर अपनी नीति में एक अहम बदलाव किया है। अब सेना के जवान और अधिकारी Instagram का इस्तेमाल केवल देखने और निगरानी (Monitoring) के उद्देश्य से कर सकेंगे। किसी भी तरह की पोस्ट करना, लाइक करना, कमेंट करना या राय व्यक्त करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सेना का कहना है कि यह फैसला फर्जी, भ्रामक और भड़काऊ कंटेंट पर नजर रखने तथा संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

सेना मुख्यालय के मिलिट्री इंटेलिजेंस विंग की ओर से इस संबंध में सभी फॉर्मेशन और विभागों को नए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के मुताबिक, जवान अगर सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध, भड़काऊ या फर्जी पोस्ट देखते हैं, तो उसकी जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी। इस नीति को “पैसिव पार्टिसिपेशन” कहा गया है, जिसमें केवल कंटेंट देखने की अनुमति होती है।

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23 दिसंबर 2025 से लागू हुआ आदेश
रक्षा मंत्रालय (सेना) के इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर द्वारा जारी यह आदेश 23 दिसंबर 2025 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सेना ने स्पष्ट किया है कि Instagram पर किसी भी प्रकार की गतिविधि—पोस्ट, कमेंट, लाइक या मैसेज—पूरी तरह वर्जित रहेगी।

पहले भी लगाए गए थे सख्त प्रतिबंध
भारतीय सेना समय-समय पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करती रही है। फेक फ्रेंडशिप, हनी-ट्रैप और फर्जी अकाउंट्स के मामलों में कुछ जवान विदेशी एजेंसियों के जाल में फंस गए थे, जिससे अनजाने में संवेदनशील सूचनाएं लीक होने का खतरा बढ़ा।
2017 में तत्कालीन रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने संसद में बताया था कि ये गाइडलाइंस सूचना सुरक्षा और दुष्प्रचार रोकने के लिए बनाई गई हैं।

पूरी पाबंदी से नियंत्रित इस्तेमाल तक का सफर

  • 2019 तक सेना के जवान किसी भी सोशल मीडिया ग्रुप का हिस्सा नहीं बन सकते थे।

  • 2020 में सेना ने 89 मोबाइल ऐप्स हटाने के निर्देश दिए थे, जिनमें फेसबुक और इंस्टाग्राम भी शामिल थे।

  • बाद में सीमित और सख्त निगरानी में फेसबुक, यूट्यूब, एक्स (X), लिंक्डइन, टेलीग्राम और व्हाट्सऐप के इस्तेमाल की अनुमति दी गई।

किन ऐप्स पर क्या अनुमति
सेना के ताजा आदेश के अनुसार:

  • WhatsApp, Telegram, Signal: केवल सामान्य और गैर-गोपनीय जानकारी साझा करने की अनुमति। Telegram पर भी केवल परिचित लोगों से बातचीत की इजाजत।

  • YouTube, X (पूर्व में ट्विटर), Quora, Instagram: केवल देखने और जानकारी लेने की अनुमति। किसी भी तरह का कंटेंट अपलोड करना, पोस्ट करना या इंटरैक्शन प्रतिबंधित।

सेना का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले दुष्प्रचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उठाया गया है।


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